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बेतिया के बसवरिया पीपल चौक पर 15 जुलाई को बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक गरीब मजदूर की जान चली गई। महेशड़ा गोपालपुर के रहने वाले सन्नी कुमार अपनी बहन के घर पर रहकर ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पेट पालते थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सन्नी कुमार ने सड़क किनारे अपना ई-रिक्शा खड़ा किया और जैसे ही पास मौजूद बिजली के पोल को हाथ लगाया, वह उसमें दौड़ रहे तेज करंट की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें पोल से अलग किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और जमकर प्रदर्शन किया। लोगों की मांग है कि बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर बुलाया जाए, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पोल में करंट आने की शिकायत लिखित और मौखिक रूप से कई बार दी गई थी, लेकिन विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो आज इस गरीब मजदूर की जान न जाती।
फिलहाल, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर भड़के लोगों को शांत कराने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिशों में जुटी है। इस हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि आखिर इस गरीब की मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा और क्या पीड़ित परिवार को न्याय और उचित मुआवजा मिल पाएगा?
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