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इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसमें एडवोकेट इन्वेंशन एकेडमी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य से जुड़े रिट सी नंबर 24587/2026 मामले में सुनवाई करते हुए माननीय न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने 3 जुलाई 2026 को कहा कि सभी जिम्मेदार अधिकारियों और पर्दे के पीछे के षड्यंत्रकारियों को सप्लीमेंट्री एफिडेविट के माध्यम से पार्टी बनाने की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही, न्यायालय ने अगली सुनवाई की तारीख 20 जुलाई 2026 तय की है, और एकेडमी के अधिवक्ताओं को तत्काल अर्जेंसी के साथ सप्लीमेंट्री एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इस आदेश को एडवोकेट इन्वेंशन एकेडमी ने शिक्षा माफिया, भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों और विभाग के उन अधिकारियों के खिलाफ एक कड़ी कार्रवाई के रूप में देखा है, जो “लूट-खसोट का रैकेट” चला रहे हैं। एकेडमी का मानना है कि अब इनकी मनमानी नहीं चलेगी और सबको कोर्ट के कटघरे में खड़ा होना पड़ेगा। एकेडमी ने 6 जुलाई को अपना वादा निभाते हुए, विद्यालय सील होने के बावजूद बच्चों का पठन-पाठन वैकल्पिक व्यवस्था में शुरू कर दिया है, क्योंकि उनका सत्र नहीं रुक सकता।
अकादमी ने इसे “आर-पार की लड़ाई” करार दिया है और कहा है कि बहुत जल्द ADV इन्वेंशन एकेडमी का कानूनी कायाकल्प होगा, जिससे विद्यालय का ताला टूटेगा और वह निर्बाध रूप से चलेगा। इसके बाद “कोई भी” शिक्षा के रास्ते में अवरोध पैदा नहीं कर पाएगा। एकेडमी ने अपने सहयोगियों से डरने की बजाय न्यायपालिका पर भरोसा बनाए रखने की अपील की है, क्योंकि उनकी जीत निश्चित है। वहीं, विरोधियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अब उनके पास बचने का कोई रास्ता नहीं है, और लचर कानून व्यवस्था तथा भ्रष्ट कार्यप्रणाली को बख्शा नहीं जाएगा, उन्हें संविधान की शक्ति का अंदाजा लग जाएगा। इस जनहित के संवैधानिक संघर्ष में ताकत देने और दहशत फैलाने वालों को सच का आइना दिखाने के लिए एकेडमी ने लोगों से इस खबर को साझा करने की भी अपील की है।
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