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एडीवी इन्वेंशन एकेडमी ने शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है, जिसके बाद से शिक्षा और भू-माफियाओं का रैकेट सक्रिय हो गया है। कुछ भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों और अधिकारी-कर्मचारियों की मिलीभगत से इस संस्था को बदनाम करने की पूरी कोशिश की जा रही है। इसका एकमात्र उद्देश्य अभिभावकों और बच्चों में डर पैदा करना है कि विद्यालय बंद हो जाएगा, ताकि क्षेत्र में दहशत का माहौल बन सके। हालांकि, एकेडमी ने भारतीय संविधान को साक्षी मानकर जनहित में अपना संघर्ष जारी रखा है।
एडीवी इन्वेंशन एकेडमी पुतसर की मान्यता और सीलिंग का मामला माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। आगामी सुनवाई में न्यायालय ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों और पर्दे के पीछे के षड्यंत्रकारियों को पक्षकार बनाकर उपस्थित होने का आदेश दिया है। उम्मीद है कि यह कार्यवाही शिक्षा विभाग में चल रही मनमानी लूट-खसोट के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई साबित होगी, जिसकी गूंज पूरे प्रदेश और देश में महसूस की जा रही है। एकेडमी का मानना है कि पुतसर से निकली यह बच्चों की मुखरता बड़े धन्नासेठों और अत्याचारियों के काले साम्राज्य के अंत का कारण बनेगी, जिससे #शिक्षा_माफिया_बेनकाब होंगे और #भ्रष्टाचार_बंद_करो की मांग पूरी होगी।
पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार, विद्यालय संचालक और यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र अभय कुमार प्रजापति ने 6 जुलाई के वादे को पूरा करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सहमति पत्र के आधार पर पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से शुरू किया है, ताकि बच्चों के सत्र और करियर पर कोई विपरीत असर न पड़े। एकेडमी ने बताया कि मात्र तीन बच्चों को रोकने के लिए पूरा रैकेट सक्रिय है, फिर भी पहले दिन की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि सामंतवाद के दिन अब लदने वाले हैं और इस देश में अब विधान नहीं, बल्कि #संविधान_का_राज कायम होगा।
एडीवी इन्वेंशन एकेडमी का संकल्प भेदभाव मुक्त, सस्ती और समान शिक्षा प्रदान करना है, ताकि एक भी बच्चा पीछे न छूटे। अनिल कुमार प्रजापति, प्रबंधक, एडीवी इन्वेंशन एकेडमी एवं संस्थापक, अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान, संतकबीरनगर, उत्तर प्रदेश ने इस संघर्ष को साझा करने और सच को सब तक पहुंचाने का आह्वान किया है।
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