सामूहिक विकास की धारणा से हक – अधिकार की लड़ाई में आमंत्रण नहीं देखे जाते,जिसकी जमीर जिंदा है वो मैदान में आ जाते हैं – वो निजि स्वार्थी समाजद्रोही होगा जो जातिगत गुटबाजी के वशीभूत अलग-अलग गुटों में समाज का इस्तेमाल करके टिकट तो खोज रहा है किन्तु संवैधानिक संरक्षण को लेकर आयोजित सर्वदलीय महाबैठक का सपोर्ट नहीं कर रहा।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड