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उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के चर्चित हाई-प्रोफाइल चेक बाउंस और ठगी मामले में जिला जज की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। बालू कारोबार और लाइसेंस दिलाने के नाम पर कुल ₹1.04 करोड़ की ठगी करने वाले आरोपी संतोष कुमार चतुर्वेदी (निवासी भिटहां, महुली) को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। जिला जज ने आरोपी की अपील को खारिज करते हुए एसीजेएम न्यायालय द्वारा सुनाई गई 1 साल की सजा और ₹1.26 करोड़ के जुर्माने को पूरी तरह बरकरार रखा। फैसले के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है।
यह मामला वर्ष 2021 का है, जब आरोपी जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव के बालू भंडारण लाइसेंस के तहत मात्र ₹9,000 की संविदा पर मैनेजर के पद पर कार्यरत था। इसी दौरान उसने बालू खरीद-बिक्री के नाम पर करीब ₹78 लाख का गबन कर लिया और इस रकम से जमीन व गाड़ियां खरीद लीं। दबाव बनने पर आरोपी ने ₹67 लाख का चेक दिया, जो बाद में बाउंस हो गया। इसके अलावा उसने मझौवा एकडंगा निवासी सुनील मौर्या से ₹24 लाख, निरंजनपुर निवासी प्रत्यूष कुमार से ₹7.50 लाख, नीबा होरिल निवासी गुलाब चंद से ₹1.60 लाख और बलही निवासी अभयनन्दन सिंह से ₹4.50 लाख की ठगी की। इन सभी पीड़ितों को आरोपी द्वारा दिए गए चेक बैंक में बाउंस हो गए थे।
पीड़ितों की शिकायत पर सुनवाई करते हुए एसीजेएम न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया था, जिसके खिलाफ आरोपी ने जिला जज की अदालत में अपील की थी। अब कोर्ट ने आदेश दिया है कि आरोपी सभी पांच मामलों में 1-1 साल की सजा साथ-साथ काटेगा। इसके साथ ही ₹1.26 करोड़ के जुर्माने में से पीड़ितों को उनकी हर्जाना राशि दी जाएगी और शेष धनराशि राजकीय कोष में जमा होगी। यदि आरोपी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे प्रत्येक मामले में 6-6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इस फैसले को जिले में ठगी और ‘नटवरलाल’ जैसे तत्वों के खिलाफ एक बड़ी कानूनी कार्रवाई और सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
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