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सन्त कबीर नगर के धनघटा तहसील क्षेत्र के बसवारी गांव में स्थित लगभग 300 वर्ष पुराना ऐतिहासिक बाबा बैजनाथ शिव मंदिर रविवार को अपराह्न करीब 1 बजे अचानक भरभराकर ढह गया। मंदिर का शिखर गिरने से उसका गर्भगृह पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे के समय मंदिर के भीतर कोई भी श्रद्धालु उपस्थित नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। श्रद्धालुओं के मुताबिक, दोपहर करीब 12 बजे ही मंदिर की दीवारों में दरारें देखी गई थीं, लेकिन किसी ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया और करीब एक घंटे बाद अचानक तेज आवाज के साथ मंदिर का पूरा शिखर धराशायी हो गया। घटना की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण और श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए।
मंदिर के पुजारी प्रहलाद गोस्वामी ने बताया कि हर रोज की तरह रविवार सुबह भी बाबा बैजनाथ का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया था। गर्भगृह को सजाने के बाद दर्जनों श्रद्धालुओं ने वहां पहुंचकर जलाभिषेक भी किया था। इसके बाद जब पुजारी अपने कमरे में बैठे थे, तभी अपराह्न करीब 1 बजे उन्हें एक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। जब वे बाहर निकले तो देखा कि मंदिर शिखर समेत गिर चुका था और पूरा गर्भगृह मलबे से भर गया था।
क्षेत्र की अगाध आस्था का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले इस लगभग तीन शताब्दी पुराने ऐतिहासिक मंदिर के इस तरह ढहने से श्रद्धालुओं में गहरा दुख और चिंता व्याप्त है। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से मंदिर का मलबा तत्काल हटवाने, इसका तकनीकी परीक्षण कराने और इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण एवं पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।
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