संत कबीर नगर में कठिन परिस्थितियों में सड़क पर मिलने वाले अनाथ, परित्यक्त या आपात स्थिति में रहने वाले व्यक्तियों के पुनर्वासन के लिए जिला स्तरीय चिन्हांकन समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में विचाराधीन जनहित याचिका (पीआईएल-571/24 ज्योति राजपूत बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य) और अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण के आदेशों के अनुपालन में बुलाई गई थी। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चन्द्रेश कुमार सिंह ने की, जिसमें निराश्रितों की पहचान और उनके पुनर्वास को लेकर विस्तृत चर्चा कर निर्देश जारी किए गए।
बैठक में तय किया गया कि 18 वर्ष से अधिक आयु के निराश्रित व्यक्तियों को आश्रय की आवश्यकता होने पर, संबंधित क्षेत्र के कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के क्रम में उन्हें गृहों, चिकित्सा परिचर्या गृहों या अन्य संबंधित स्थानों पर आवासित कराया जाएगा और चिकित्सा लाभ प्रदान किया जाएगा। वहीं, 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के मिलने पर उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर नियमानुसार कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया गया है। इसके अतिरिक्त, जिला प्रोबेशन अधिकारी को समाज कल्याण विभाग की कल्याण साथी हेल्पलाइन-14568, महिला कल्याण विभाग की हेल्पलाइन-181 और चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए, ताकि आम जनता निराश्रित महिलाओं, बच्चों और अन्य जरूरतमंदों की सूचना इन नंबरों पर दे सके।
मानसिक रूप से मंदित व्यक्तियों के पुनर्वासन के लिए दिव्यांग जन अधिकार अधिनियम-2016 और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम-2017 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक सप्ताह के मंगलवार को रेस्क्यू अभियान संचालित करने का निर्देश चिन्हांकन समिति को दिया गया है। इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी बृजेश कुमार, जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, डॉ. अमर सिंह गौतम, अरुण कुमार ओझा, जनपद बार एसोसिएशन के अधिवक्ता नरेंद्र चौधरी, सर्वहितकारी सेवा आश्रम के राम शब्द व एस.बी. सागर, डिस्ट्रिक्ट मिशन को-आर्डिनेटर श्रीमती मोनिका शुक्ला और श्रम प्रवर्तन विभाग के प्रिंस कुमार झा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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