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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक पत्र में संतकबीरनगर के BSA अमित सिंह और BEO नाथनगर समेत अन्य अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है, जिसमें हरदोई के BSA अजीत प्रताप सिंह के निलंबन का उदाहरण दिया गया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि संतकबीरनगर में हरदोई से भी बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है, जिसके तहत ADV इन्वेंशन एकेडमी, पुतसर को अवैध रूप से सील कर दिया गया, जिससे ‘शिक्षा का अधिकार Article 21A का कत्ल’ हुआ है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 6 अप्रैल 2026 को उद्घाटन के बाद स्कूल खुला भी नहीं था कि शिक्षा/भू-माफिया की मिलीभगत से BSA अमित सिंह और BEO नाथनगर ने 16 जून 2026 को इसे सील कर दिया। यह कार्रवाई एफआईआर संख्या 328/2025 थाना महुली के आरोपी की मिलीभगत से की गई। इस ‘मनमानी लूट-खसोट’ और ‘भ्रष्टाचार की हद पार’ की शिकायतों पर मुख्य सचिव समेत मुख्यमंत्री को रजिस्टर्ड डाक भेजने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे सवाल उठाया गया है कि ‘क्या संतकबीरनगर को वरीय किया गया है?’
मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में WRIT-C 24587/2026 विचाराधीन होने और Caveat 03 जून 2026 के बावजूद 16-17 जून को स्कूल सील करने और रिजेक्शन की कार्रवाई को ‘हाईकोर्ट की अवमानना’ बताया गया है। BSA के पत्र 1702/22.06.2026 में खुद स्वीकार किया गया है कि ‘कोर्ट केस में कार्रवाई नहीं कर सकते’, फिर भी कार्रवाई की गई। पत्र में संतकबीरनगर की IGRS रैंकिंग को भी फर्जीवाड़ा बताया गया है, जिसमें जिला 13वीं बार नंबर-1 होने के बावजूद FIR 328/2025 के यूपीएससी छात्रों और शिल्पकार समाज की बेटी अर्चना प्रजापति को न्याय नहीं मिला, और सीएम हेल्पलाइन 1076 की महिलाओं को पुलिस द्वारा घसीटा जा रहा है। इसे ‘फाइल बंद’ करने की रैंकिंग बताया गया है, न कि न्याय की।
मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि अगर संतकबीरनगर का ‘करप्ट सिस्टम’ बीच-बचाव करेगा, तो उच्च न्यायालय से Contempt + IPC 466 Forgery में जिले के सभी जिम्मेदार अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। पत्र में ‘अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान 2027’ के तहत उत्तर प्रदेश में ‘सत्ता परिवर्तन’ की चेतावनी भी दी गई है, क्योंकि ‘जब CM हेल्पलाइन की बेटियां सुरक्षित नहीं, तो संतकबीरनगर की बेटी अर्चना प्रजापति समेत आम जनता का क्या?’ तत्काल मांगों में BSA संतकबीरनगर अमित सिंह और BEO नाथनगर समेत अन्य दोषियों को तत्काल निलंबित कर एफआईआर दर्ज करने, नवसृजित ADV इन्वेंशन एकेडमी को तत्काल डी-सील करने, FIR 328/2025 महुली की सीबीआई जांच तथा दोषी पुलिसकर्मियों और साजिशकर्ता शिक्षा/भू-माफिया पर कार्रवाई, और IGRS रैंकिंग सिस्टम को भंग कर शिकायतकर्ता संतुष्टि को 100% वेटेज देने की बात कही गई है। पत्र का समापन इस आग्रह के साथ किया गया है कि हरदोई BSA पर कार्रवाई स्वागतयोग्य है, लेकिन अब संतकबीरनगर की बारी है, ‘वरना 2027 दूर नहीं, जनता हिसाब करेगी।’
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