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मुझ पर 36 लाख रुपए का कर्ज था। किस्त जमा न करने पर पिता ताने मारते थे, नालायक कहते थे। इसी से परेशान होकर मैंने सराफा कारोबारी के बेटे के अपहरण की योजना बनाई।”
“मुझ पर 36 लाख रुपए का कर्ज था। किस्त जमा न करने पर पिता ताने मारते थे, नालायक कहते थे। इसी से परेशान होकर मैंने सराफा कारोबारी के बेटे के अपहरण की योजना बनाई।”
यह चौंकाने वाला कबूलनामा गोरखपुर में 10 साल के मासूम वैभव की हत्या के आरोपी कंप्यूटर टीचर सर्वेश उर्फ बिट्टू भट्ट का है, जिसने पुलिस हिरासत में अपना गुनाह कबूल करते हुए पूरी साजिश का पर्दाफाश किया है।आरोपी सर्वेश ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उसने इस पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए तकनीकी टूल्स और नामी अपराधियों के तरीकों का सहारा लिया था।
AI से जुटाया लॉरेंस बिश्नोई गैंग का डेटा- आरोपी ने बताया, “मैंने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बारे में पूरी जानकारी जुटाई। मैंने इंटरनेट पर यह समझा कि यह गैंग कैसे काम करता है और किस तरह से लोगों से फिरौती मांगता है। अपनी पहचान छुपाने के लिए मैंने इंटरनेट से महज 199 रुपए में कंबोडिया का एक वर्चुअल मोबाइल नंबर खरीदा और उसी नंबर पर अपना वॉट्सऐप अकाउंट एक्टिवेट किया।
वारदात के दिन को याद करते हुए सर्वेश ने कहा, “सोमवार शाम को मैं वैभव को गिफ्ट देने का लालच देकर अपने साथ ले गया। लेकिन रास्ते में वह अचानक चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर मुझे गुस्सा आ गया और मैं डर गया कि कहीं पकड़ा न जाऊं। मैंने उसे जमीन पर गिरा दिया, उसके सीने पर अपना घुटना रखा और जोर से उसका गला दबा दिया जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद लाश को एक बोरे में बंद किया और अपने घर के बेसमेंट में ले जाकर छिपा दिया।”
सर्वेश 2024 में बिहार के एक पेपर लीक मामले में 40 दिन तक प्रयागराज की नैनी जेल में बंद रह चुका है। उसकी एक साल पहले शादी हुई थी।
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