शुरू न्यूज़
मां-बाप के तिरस्कार से बिलखते चार मासूमों के लिए फरिश्ता बने नीलमणि
संतकबीरनगर।
मां-बाप के तिरस्कार से बिलखते चार मासूमों के लिए फरिश्ता बने नीलमणि
संतकबीरनगर।
नाथनगर ब्लॉक के ग्राम कलान में चार मासूम बच्चों की दर्दनाक कहानी हर किसी की आंखें नम कर रही है। करीब एक वर्ष पहले उनकी मां प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई, जबकि लगभग छह माह पहले पिता भी संपत्ति बेचकर बच्चों को बेसहारा छोड़ लापता हो गया।
सबसे बड़ी 11 वर्षीय बेटी अपने दो छोटी बहनों और एक छोटे भाई का पेट पालने के लिए मजदूरी करने को मजबूर है। शिक्षा, भोजन और सुरक्षित आशियाने से वंचित ये मासूम अभाव और संघर्ष के बीच अपना बचपन गुजार रहे हैं। बरसात में जर्जर घर के भीतर रातें काटना उनकी मजबूरी बन चुकी है।
ग्रामीणों के अनुसार, मामले की जानकारी मिलने पर प्रशासन ने कुछ समय तक राशन उपलब्ध कराया, लेकिन बाद में सहायता बंद हो गई और बच्चे फिर से कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने लगे।
इस मार्मिक घटना की जानकारी मिलने पर धनघटा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी एवं हैसर धनघटा नगर पंचायत के चेयरमैन प्रतिनिधि नीलमणि रविवार को अपने सहयोगियों के साथ गांव पहुंचे। बच्चों की स्थिति देखकर वे भावुक हो गए और तत्काल राशन व अन्य जरूरी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई। उन्होंने बच्चों के रहने के लिए शीघ्र टीन शेड लगवाने का आश्वासन भी दिया।
नीलमणि ने कहा कि वे जिलाधिकारी से मिलकर बच्चों के भोजन, शिक्षा और आवास की स्थायी व्यवस्था कराने का प्रयास करेंगे। उनके इस मानवीय पहल की ग्रामीणों ने सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समय में संवेदनशील लोगों का आगे आना समाज के लिए प्रेरणादायक है।
#Neel_Mani #SantKabirNagar #Humanity #HelpingHands #SocialService #Dhanghata #UPNews
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड