डीएम द्वारा विकासखंड पौली के ग्राम सभा बगही में स्थापित कृषि विज्ञान केंद्र परिसर एवं उद्यान विभाग के अंतर्गत स्थापित हाईटेक नर्सरी का किया गया औचक निरीक्षण।
संत कबीर नगर । जिलाधिकारी आलोक कुमार द्वारा विकासखंड पौली के ग्राम सभा बगही में स्थापित कृषि विज्ञान केंद्र परिसर एवं उद्यान विभाग के अंतर्गत स्थापित हाईटेक नर्सरी का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र के संपूर्ण परिसर का दौरा किया गया तथा उपस्थित वैज्ञानिकों से उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली गयी। कृषि विज्ञान केंद्र पर बाजरे के ट्रायल को देखा गया। तत्पश्चात जिलाधिकारी द्वारा परिसर में स्थापित हाईटेक नर्सरी का निरीक्षण किया गया। हाईटेक नर्सरी में वर्तमान समय में लगभग 60000 पौधे में तैयार थे जिनमें गोभी, मिर्च, शिमला मिर्च के पौधे थे। जिला उद्यान अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि वर्ष 2024 में हाईटेक नर्सरी की स्थापना 1.09 करोड़ रुपए की लागत से की गई थी। हाईटेक नर्सरी का वर्तमान में संचालन पौली वेजिटेबल फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में हाईटेक नर्सरी पर 605000 पौधों का उत्पादन हुआ था तथा लगभग 180 कृषकों द्वारा हाईटेक नर्सरी से पौधे प्राप्त किए गए थे।
जिलाधिकारी द्वारा हाईटेक नर्सरी की उपयोगिता के सम्बन्धी जानकारी चाही गयी, जिसके बारे में उप कृषि निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि हाईटेक नर्सरी के माध्यम से किसानों को रोग रहित, कीट रहित, स्वाथ्य तथा बेमौसमी सब्जियों के पौधे उपलब्ध कराया जा सकते हैं जिससे किसान सामान्य की तुलना में ज्यादा अच्छी उपज प्राप्त कर सकते हैं। जिलाधिकारी द्वारा हाईटेक नर्सरी के लाभों के बारे में और ज्यादा प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया तथा जिला उद्यान अधिकारी तथा अन्य अधिकारी गण को निर्देशित किया गया की हाईटेक नर्सरी का ज्यादा से ज्यादा प्रचार करें तथा इसके फायदे के बारे में किसानों को अवगत कराएं।
निरीक्षण के दौरान कृषि विज्ञान के केंद्र के प्रभारी डॉ सी पी एन गौतम, उप कृषि निदेशक डॉ राकेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ सर्वेश कुमार यादव, जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल सहित अन्य अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड