भक्सा गांव में धारा 9 की पत्रावली की सुनवाई, सैकड़ों किसानों ने रखीं आपत्तियां
सहजनवां/पाली (गोरखपुर)। पाली विकासखंड क्षेत्र के भक्सा गांव माफी में बुधवार को चकबंदी विभाग की ओर से धारा 9 की पत्रावली को लेकर सुनवाई आयोजित की गई। सुनवाई की जानकारी ग्रामीणों और किसानों को पहले से डुग्गी-मुनादी के माध्यम से दी गई थी। सूचना मिलते ही गांव के सैकड़ों किसान अपनी भूमि और चकबंदी से जुड़ी समस्याओं एवं आपत्तियों को लेकर मौके पर पहुंचे।
सुनवाई के दौरान किसानों ने चकबंदी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बरतने की मांग की। किसानों का कहना था कि भूमि संबंधी अभिलेखों में किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति होने पर उसे नियमानुसार दर्ज कर उसका समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में किसी किसान को अपनी जमीन को लेकर परेशानी का सामना न करना पड़े।
चकबंदी अधिकारियों ने बारी-बारी से किसानों की समस्याएं और आपत्तियां सुनीं। साथ ही धारा 9 की पत्रावली से संबंधित प्रक्रिया, अभिलेखों और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में भी ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी दी गई। अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ही चकबंदी की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
इस दौरान चकबंदी अधिकारी देवकांत पांडेय, सहायक चकबंदी अधिकारी उमाशंकर राव, चकबंदी लेखपाल अजमल खान, लिपिक सुरेंद्रनाथ और ग्राम प्रधान भोला प्रसाद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
किसानों ने कहा कि चकबंदी की प्रक्रिया उनके लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए भूमि के अभिलेखों की जांच और आपत्तियों के निस्तारण में विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। ग्रामीणों ने अधिकारियों से मांग की कि प्रत्येक किसान की आपत्ति को गंभीरता से सुना जाए और नियमों के तहत उसका समाधान किया जाए।
ग्राम प्रधान भोला प्रसाद ने बताया कि चकबंदी पूरी होने के बाद गांव में किसानों की बिखरी हुई जमीन एक जगह आ जाएगी। इससे किसानों को खेती-किसानी करने में काफी सुविधा होगी। खेतों के अलग-अलग स्थानों पर होने के कारण किसानों को आने-जाने में जो समय और मेहनत लगती है, उसमें कमी आएगी। साथ ही खेती की देखभाल, सिंचाई और कृषि कार्यों को व्यवस्थित तरीके से करने में भी किसानों को सहूलियत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि चकबंदी की प्रक्रिया यदि पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी होती है तो इसका सीधा लाभ गांव के किसानों को मिलेगा। ग्रामीणों ने भी उम्मीद जताई कि उनकी आपत्तियों और भूमि संबंधी समस्याओं का नियमानुसार समाधान करते हुए चकबंदी की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सभी आपत्तियों और अभिलेखों की जांच नियमानुसार की जाएगी तथा किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
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