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संतकबीरनगर जिले के मेंहदावल विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित आमी नदी सेतु निर्माण को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच विधायक अनिल त्रिपाठी ने आधिकारिक दस्तावेज जारी कर परियोजना का झूठा श्रेय लेने के दावों का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य किसी व्यक्ति विशेष के प्रचार का विषय नहीं, बल्कि जनहित और निरंतर प्रयासों का परिणाम होते हैं। जनता को भ्रमित करने के लिए सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारियों का तथ्यात्मक जवाब देना आवश्यक हो गया था।
विधायक अनिल त्रिपाठी ने बताया कि ब्लॉक बघौली के ग्राम चौरी से गोरखपुर जनपद की सीमा को जोड़ने वाले आमी नदी सेतु का निर्माण क्षेत्र की जनता की लंबे समय से महत्वपूर्ण मांग रही है। इस परियोजना के लिए उन्होंने 23 जून 2025 को शासन को पत्र भेजकर सेतु निर्माण की मांग की थी, जिसके बाद लगातार शासन स्तर पर पैरवी की गई। उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड, निर्माण इकाई बस्ती द्वारा 23 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार इस निर्माण के लिए ₹2357.87 लाख (लगभग ₹23.57 करोड़) का विस्तृत आगणन तैयार कर स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेज दिया गया है। इस परियोजना को संतकबीरनगर जनपद की प्राथमिकता सूची में क्रमांक-1 पर रखा गया है।
सोशल मीडिया पर श्रेय लेने की कोशिश करने वालों पर हमला बोलते हुए विधायक ने कहा, “झूठा श्रेय लेकर आसमान में उड़ने वालों के पंख अक्सर सच की आंधी में टूट ही जाते हैं। जनता सब देख रही है और सत्य स्वयं प्रमाण प्रस्तुत करता है।” उन्होंने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि उनकी राजनीति का मूल मंत्र “राजनीति नहीं, विकास; प्रचार नहीं, प्रमाण” है और आमी नदी सेतु का निर्माण क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए आवागमन सुगम बनाने के साथ सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति देगा।
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