शुरू न्यूज़
तिवरान ग्राम सभा में लाखों की लागत से लगी हाईमास्ट लाइट बनी शोपीस, ग्रामीणों ने जल्द चालू कराने की उठाई मांग
तिवरान ग्राम सभा में लाखों की लागत से लगी हाईमास्ट लाइट बनी शोपीस, ग्रामीणों ने जल्द चालू कराने की उठाई मांग
गोरखपुर। जनपद गोरखपुर के पाली क्षेत्र अंतर्गत तिवरान ग्राम सभा में सरकार द्वारा लाखों रुपये की लागत से स्थापित की गई हाईमास्ट लाइट आज ग्रामीणों के लिए केवल शोपीस बनकर रह गई है। जिस उद्देश्य से इस हाईमास्ट लाइट को लगाया गया था, वह पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि लाइट स्थापना के बाद महज एक-दो सप्ताह तक ही जली, उसके बाद से बंद पड़ी है और आज तक उसे ठीक नहीं कराया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि हाईमास्ट लाइट लगने से उन्हें उम्मीद थी कि गांव के मुख्य चौराहे और सार्वजनिक स्थानों पर रात के समय पर्याप्त रोशनी मिलेगी। इससे लोगों को आवागमन में सुविधा होगी, दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और असामाजिक गतिविधियों पर भी रोक लगेगी। लेकिन कुछ ही दिनों में लाइट बंद हो जाने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पाली क्षेत्र के कई गांवों में इसी योजना के तहत लाखों रुपये खर्च कर हाईमास्ट लाइटें लगाई गई थीं, लेकिन अधिकांश स्थानों पर उनका समुचित रखरखाव नहीं होने के कारण वे बंद पड़ी हैं। तिवरान ग्राम सभा की हाईमास्ट लाइट भी लंबे समय से खराब है, जिससे रात के समय गांव में अंधेरा पसरा रहता है। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को शाम के बाद आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि योजनाओं का रखरखाव नहीं होगा तो सरकारी धन का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि हाईमास्ट लाइट की तकनीकी जांच कराकर उसे शीघ्र चालू कराया जाए। साथ ही पाली क्षेत्र के अन्य गांवों में भी बंद पड़ी हाईमास्ट लाइटों की समीक्षा कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का वास्तविक लाभ मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते लाइटों को चालू नहीं कराया गया तो यह योजना केवल कागजों तक सीमित रह जाएगी और लाखों रुपये की सरकारी धनराशि व्यर्थ साबित होगी। लोगों ने जिला प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड