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गोरखपुर से बड़ी खबर
ज्वेलरी कारोबारी के 10 वर्षीय पोते का अपहरण,जांच के बाद पड़ोसी कारोबारी के घर के बेसमेंट में मिली मासूम की लाश, इलाके में सनसनी
गोरखपुर।खजनी कस्बे से सामने आई इस हृदयविदारक घटना ने रिश्तों और भरोसे की नींव को झकझोर कर रख दिया है।ज्वैलरी कारोबारी के 10 वर्षीय मासूम पोते का अपहरण कर निर्मम हत्या कर दी गई।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बच्चे का शव घर से महज 50 मीटर दूर एक पड़ोसी कारोबारी के मकान के बेसमेंट से बरामद हुआ। जिस पड़ोसी पर कभी भरोसा किया जाता था,वही इस जघन्य अपराध का आरोपी निकला।खजनी निवासी लक्ष्मी नारायण वर्मा इलाके के प्रतिष्ठित ज्वैलरी कारोबारी हैं। उनके बेटे हनुमान वर्मा का सबसे छोटा बेटा वैभव वर्मा (10 वर्ष) स्थानीय नवेल्स एकेडमी में कक्षा चार का छात्र था।सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे वैभव स्कूल से घर लौटा।रोज की तरह उसने बैग रखा,कपड़े बदले और साइकिल लेकर खेलने निकल गया।दादी ने उसे खाना खाने के लिए आवाज दी, लेकिन उसने “अभी आता हूं” कहकर बाहर चला गया—किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उसकी आखिरी विदाई होगी।करीब आधे घंटे बाद खबर मिली कि वैभव की साइकिल घर के पीछे लावारिस हालत में पड़ी है।परिवार के लोग घबराकर मौके पर पहुंचे,लेकिन बच्चा कहीं नहीं मिला।कुछ दूरी पर उसकी एक चप्पल मिली,जिसने आशंका को और गहरा कर दिया। देखते ही देखते पूरा परिवार और मोहल्ला बच्चे की तलाश में जुट गया,लेकिन हर कोशिश नाकाम रही।सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंची।खोजी कुत्ते ने खेतों के रास्ते एक दिशा पकड़ी,जिससे साफ हुआ कि बच्चे को सुनसान रास्ते से ले जाया गया।सीसीटीवी फुटेज में भी वैभव साइकिल से जाता दिखा,लेकिन उसके बाद वह कहीं नजर नहीं आया।जांच के दौरान पुलिस को पड़ोस में रहने वाले कपड़ा कारोबारी सर्वेश भट्ट पर शक हुआ।उसके बयान लगातार बदल रहे थे।जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो सच सामने आ गया।जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया।आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।उसकी निशानदेही पर उसके ही घर के बेसमेंट से मासूम वैभव का शव बरामद हुआ।
वीओ-वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि 27 जुलाई 2026 को गुमशुदगी की तहरीर के आधार पर थाना खजनी में मुकदमा दर्ज किया गया था।त्वरित जांच के दौरान आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।इस घटना ने एक और दर्दनाक पहलू को उजागर किया—वैभव की मां श्वेता वर्मा का डेढ़ महीने पहले ही बीमारी से निधन हो चुका था।तीन भाइयों में सबसे छोटा वैभव अब इस दुनिया में नहीं रहा।परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है,जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी।यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं,बल्कि समाज के उस भरोसे पर गहरा प्रहार है,जिस पर रिश्ते टिके होते हैं।अब सवाल हर किसी के मन में है—आखिर किस पर भरोसा करें? जब पड़ोसी ही जान के दुश्मन बन जाएं, तो सुरक्षा की भावना कहां बचती है? खजनी की यह वारदात लोगों के दिलों में डर और अविश्वास की एक गहरी लकीर खींच गई है।पुलिस अब इस जघन्य हत्या के पीछे के कारणों की तह तक जाने में जुटी है,लेकिन इस मासूम की मौत ने पूरे इलाके को गम और सन्नाटे में डुबो दिया है।
बाइट-डॉ कौस्तुभ एसएसपी गोरखपुर।
बाइट- लक्ष्मी नारायण वर्मा मृतक बच्चे के दादा
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