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चौरासी विधानसभा क्षेत्र में कथित अवैध खनन को लेकर क्षेत्रीय विधायक अनिल कुमार कटारा ने खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में लगातार अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन विभाग की निष्क्रियता और लापरवाही के कारण कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
विधायक कटारा ने बताया कि हाल ही में खनन विभाग के अधिकारियों के साथ हुई चर्चा के दौरान, जब चौरासी विधानसभा क्षेत्र में कथित अवैध खनन से जुड़ी शिकायतों और उन पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी गई, तो अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि इससे विभाग की निगरानी व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। विधायक के अनुसार, यदि विभाग समय पर कार्रवाई करता तो राज्य सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की संभावित हानि नहीं होती। उन्होंने यह भी बताया कि नियमों की अनदेखी कर हो रहे खनन से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँच रहा है और खनन सुरक्षा मानकों व निर्धारित गाइडलाइन का भी पालन नहीं किया जा रहा है।
कटारा ने सवाल उठाया कि आखिर विभाग की आँखों के सामने यह सब कैसे हो रहा है, और यदि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होती तथा अधिकारी वास्तविक स्थिति की स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाते, तो यह कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न है। उन्होंने अवैध खनन में संलिप्त लोगों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। विधायक ने सरकार और खनन विभाग से चौरासी विधानसभा क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर संदिग्ध खनन स्थलों की जांच, अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस गंभीर मुद्दे को विधानसभा से लेकर जनआंदोलन तक पूरी मजबूती से उठाएंगे। कटारा ने यह भी कहा कि चौरासी की जनता के प्राकृतिक संसाधनों की लूट, पर्यावरण के साथ खिलवाड़ और राज्य के राजस्व को होने वाली संभावित हानि किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
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