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धंबोला में पुल निर्माण कार्य से प्रभावित छोटे वाहन चालकों को आंशिक राहत मिली है, जो एक खबर के प्रकाशन के बाद विभाग द्वारा बीएसएनएल टावर के पास बनाए गए अस्थायी मार्ग को पुराने बस स्टैंड तक खोले जाने से संभव हुआ है। इससे पहले जहां उन्हें गड़ापट्टा पीठ रोड पर बाईपास के लिए बनी तीन किलोमीटर लंबी और खराब कच्ची सड़क का चक्कर लगाना पड़ता था, वहीं अब कार, जीप, बाइक जैसे छोटे वाहन प्राइवेट बस स्टैंड होते हुए सिमलवाड़ा बस्ती के रास्ते मुख्य बाजार तक आसानी से पहुंच पा रहे हैं। इस कदम से वाहन चालकों को लंबा चक्कर लगाने से राहत मिली है और आवागमन पहले की तुलना में सुगम हो गया है।
हालांकि, इस नई व्यवस्था ने कस्बे में एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। बस्ती की संकरी गलियों से वाहनों की आवाजाही बढ़ने के बावजूद, पुलिस प्रशासन द्वारा यातायात नियंत्रण के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। बाहरी क्षेत्रों से आने वाले वाहन चालक, जिन्हें मार्ग की सही जानकारी नहीं होती, वे पूरी बस्ती में भटकते रहते हैं, जिससे गलियों में बार-बार जाम लग रहा है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब क्रूजर जैसे बड़े छोटे व्यावसायिक वाहन संकरी गलियों में फंस जाते हैं, जिससे उनके पीछे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
कस्बेवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाए। इसके साथ ही, बाहरी वाहन चालकों के लिए दिशा-सूचक संकेतक भी लगाए जाएं, ताकि वे बिना भटके निर्धारित मार्ग से गुजर सकें। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप ले सकती है।
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