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जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बुधवार शाम धंबोला थाना क्षेत्र का दौरा किया, जहाँ उन्होंने धंबोला थाना और सरथूना पुलिस चौकी का निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने थाना प्रभारी सीआई देवेंद्र देवल से लंबित प्रकरणों की विस्तृत जानकारी ली और उनके शीघ्र तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। सरथूना पुलिस चौकी पहुँचकर, चौकी प्रभारी गिरधारी लाल से क्षेत्र की कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए, मध्य प्रदेश सीमा से सटे होने के कारण चौकी क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने, त्वरित कार्रवाई करने और पुलिस को हर समय एक्शन मोड में रहने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान, थाना परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया और पुलिस उप अधीक्षक मदनलाल विश्नोई भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के बाद, थाना परिसर में सीएलजी, पुलिस मित्र और ग्राम रक्षक दल के सदस्यों की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक ने आमजन से क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर फीडबैक प्राप्त किया और पुलिस तथा जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। बैठक के दौरान, भादर निवासी ज्योतिलाल बुझ ने एक महत्वपूर्ण सुझाव रखा कि जब खाद खरीदने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है, तो शराब खरीदने के लिए भी ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं होनी चाहिए। उनका तर्क था कि यदि शराब बिक्री को आधार से जोड़ा जाए, तो एक व्यक्ति द्वारा अत्यधिक खरीदारी पर नियंत्रण लगेगा और सामाजिक बुराइयों पर भी अंकुश लग सकेगा। उनके इस सुझाव पर बैठक में मौजूद अन्य लोगों ने भी चर्चा की।
बैठक में सीमलवाड़ा कस्बे में बढ़ते अतिक्रमण, यातायात व्यवस्था सुधारने, पीठ पुलिस चौकी में स्टाफ बढ़ाने, चौकी भवन का निर्माण शीघ्र शुरू कराने, विवेचनाओं को अधिक प्रभावी और निष्पक्ष बनाने, डीजे पर नियंत्रण रखने, सामाजिक बैठकों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाने, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने, शराब के अड्डों पर कार्रवाई करने, बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को पुनः चालू कराने और अवैध मुर्गी-मांस की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने जैसी कई प्रमुख माँगें भी उठाई गईं।
इस अवसर पर, कांग्रेस और भारत आदिवासी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के पदभार संभालने के बाद से जिले में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगा है। इस प्रशंसा पर भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रकाश पंड्या ने टिप्पणी की कि विपक्षी दलों द्वारा भी पुलिस प्रशासन की सराहना किया जाना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि पुलिस निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में भयमुक्त वातावरण स्थापित हुआ है और राज्य सरकार ने पुलिस को अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की खुली छूट दी है, जिसके परिणामस्वरूप अपराधियों में कानून का भय बढ़ा है और आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में जिले में 29 हत्याएँ और लगभग 300 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु हुई थी, जिनमें से अधिकांश लोगों की जान हेलमेट पहनने से बचाई जा सकती थी। उन्होंने लोगों से चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी जान बचाने के लिए हेलमेट पहनने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, क्योंकि कानून व्यवस्था बनाए रखने में जनता का सहयोग उतना ही आवश्यक है जितना पुलिस का। उन्होंने दोहराया कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अधिकारियों को रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में भाजपा नेता प्रकाश पंड्या, परेश पाटीदार, हबीब भाई फूमती, दिनेश रोत, महेश डामोर, मुकेश खांट, कुंदन सिंह चौहान, नूर आलम खां मकरानी, प्रवीण पाटीदार, रतनलाल कोटेड, धनेश्वर ननोमा, गणेश अहारी, ज्योतिलाल बुझ, गोवर्धनलाल जैन, कीर्ति पंड्या, भाविन पंड्या, रायसिंह डामोर, बिपिन कोठारी, प्रेमनाथ कलासुआ, देवेंद्र दर्जी, रतन सिंह चौहान, रणवीर सिंह, भरत डामोर, मगन लाल डामोर सहित बड़ी संख्या में सीएलजी सदस्य, पुलिस मित्र और ग्राम रक्षक उपस्थित थे।
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