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कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का बुधवार को धौलपुर स्थित उनके पैतृक गांव में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार किया गया। यह अंतिम संस्कार अजमेर सेंट्रल जेल में हुई उनकी संदिग्ध मौत के बाद हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से क्षेत्र में तनावपूर्ण और संवेदनशील माहौल बना रहा। मृतक के भाई पप्पू गुर्जर को पैरोल पर जेल से बाहर लाकर अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया।
इस दौरान जगन गुर्जर की दूसरी पत्नी कोमेश गुर्जर ने जेल प्रशासन और घटना की परिस्थितियों को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार और प्रशासन को खुली चेतावनी दी। उन्होंने दावा किया कि जेल के भीतर एक “छोटे अपराधी” पर हत्या का आरोप मढ़ा जा रहा है, जबकि सच्चाई कुछ और है। कोमेश गुर्जर ने इसे अपने परिवार के सम्मान पर चोट बताते हुए असली दोषियों के नाम उजागर करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कुछ दिनों में न्याय नहीं मिला, तो वह स्वयं कार्रवाई करने को मजबूर होंगी और बच्चों के साथ सड़क पर बैठने या आत्महत्या जैसे कदम उठाने पर भी विचार कर सकती हैं।
कोमेश गुर्जर ने यह भी बताया कि घटना से पहले सोमवार सुबह करीब 7 बजे उनकी जगन गुर्जर से फोन पर बात हुई थी, जिसमें जगन ने जेल में अन्य बंदियों से विवाद की जानकारी दी थी। उन्होंने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि घटना के समय सीसीटीवी कैमरे बंद थे, जिससे कई संदेह पैदा होते हैं। कोमेश ने कहा कि जगन गुर्जर की दुश्मनी मुख्य रूप से धौलपुर जिले तक ही सीमित थी और बाहर किसी से कोई विवाद नहीं था। उल्लेखनीय है कि कोमेश गुर्जर का भी आपराधिक इतिहास रहा है; वह पहले जगन गुर्जर की सहयोगी और बाद में उसकी पत्नी बनीं, और किशोरावस्था में पारिवारिक बदले की घटनाओं व बाद में बीहड़ जीवन और गैंग गतिविधियों से जुड़ी रही हैं।
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