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लखीमपुर खीरी जिले के निघासन विधानसभा क्षेत्र में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपने हालिया बयानों के चलते एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। निघासन दौरे के दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए शंकराचार्य ने दक्षिणपंथी संगठन बजरंग दल पर बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए उन्हें कथित तौर पर ‘चोर’ कह दिया।
विवाद उस समय और बढ़ गया, जब वहां मौजूद पत्रकारों ने उनके इस बयान और अन्य समसामयिक मुद्दों पर सवाल पूछने की कोशिश की। शंकराचार्य इन तीखे सवालों पर बिफर पड़े और उन्होंने नाराजगी जताते हुए एक पत्रकार को ‘थप्पड़ मारने’ तक की बात कह डाली। उनके इस बयान के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
जनता और बुद्धिजीवी पूछ रहे हैं कि क्या लोकतंत्र के चौथे स्तंभ (मीडिया) को अपना कर्तव्य निभाने और सवाल पूछने पर इस तरह की धमकियां मिलेंगी। साथ ही, सनातन धर्म की उस सीख पर भी सवाल उठ रहे हैं जो शास्त्रार्थ (तर्क-वितर्क और संवाद) और सहिष्णुता का समर्थन करती है। यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या किसी के सवालों से असहमत होने पर उसे थप्पड़ मारने की बात कहना सनातन परंपरा और मर्यादा के अनुकूल है।
शंकराचार्य के इस रवैये और आपत्तिजनक भाषा को लेकर पत्रकार संगठनों और स्थानीय लोगों में काफी रोष है। लोगों का मानना है कि संतों की भाषा में सौम्यता, धैर्य और शुचिता होनी चाहिए, न कि हिंसा या गाली-गलौज का समर्थन। इस मामले में अभी बजरंग दल और स्थानीय प्रशासन की तरफ से किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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