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मुकुंदरा टाइगर रिजर्व की पहाड़ियों के बीच बनाई जा रही 4.9 किलोमीटर लंबी, 8 लेन दरा टनल का निर्माण कार्य चार साल बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। टनल के चालू न होने से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से यात्रा करने वाले हजारों वाहन चालकों को आज भी दरा की नाल के घुमावदार और जामग्रस्त मार्ग से गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है।
1100 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लाभ अभी तक आम जनता को नहीं मिल सका है। प्रतिदिन लगभग 20 हजार वाहन चालकों को दरा की नाल में लगने वाले लंबे जाम और धीमी यातायात व्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। यह परियोजना वर्ष 2021 में शुरू हुई थी और इसे दिसंबर 2024 तक पूरा किया जाना था। हालांकि, निर्माण में हो रही देरी के कारण इसकी समय-सीमा अब तक पांच बार बढ़ाई जा चुकी है, जो सितंबर 2025, दिसंबर 2025, फरवरी 2026, मई 2026 और फिर जून 2026 तक तय की गई है। अधिकारियों ने हर बार तकनीकी कारणों और निर्माण संबंधी चुनौतियों को देरी की वजह बताया है।
एनएचएआई, कोटा संभाग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप अग्रवाल ने बताया है कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बुधवार को कोटा आएंगे। वे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करते हुए वडोदरा की ओर प्रस्थान करेंगे, लेकिन इस दौरे के दौरान दरा टनल का उद्घाटन नहीं किया जाएगा।
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