विद्युत विभाग की आंख मिचौली से आम जनमानस परेशान।ग्रामीण क्षेत्रों में नियमों के अनुसार कम से कम 16 से 18 घंटे विद्युत सप्लाई मिलने का प्रावधान है, मार्च 8 से 10 घंटे की सप्लाई उपलब्ध।
केवल संत कबीर नगर में सबसे अधिक रोस्टर का प्रावधान।
संत कबीर नगर । हैंसर बाजार ।हैसर बाजार -कोचरी पावर हाउस पर वर्षों से रोस्टिंग का खेल !
जनपद संत कबीर नगर के हैसर-कोचरी पावर हाउस पर विद्युत रोस्टिंग का सिलसिला वर्षों से चला आ रहा है। विद्युत विभाग की घोषणाओं और दावों के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है।
बार-बार बिजली कटौती से आम जनमानस, व्यापारी, छात्र-छात्राएं और छोटे-बड़े व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हैं। रात के समय बिजली गुल होने से ग्रामीणों को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ता है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और व्यापारिक गतिविधियां भी ठप हो रही हैं।
सबसे गंभीर स्थिति उन घरों की है, जहां रात के अंधेरे में सांप और जहरीले कीड़े-मकौड़े दिखाई देने का भय बना रहता है। बिजली न होने के कारण कई परिवार पूरी रात चैन से सो नहीं पाते और हर समय किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
इन तमाम परेशानियों को लेकर हैसर-कोचरी क्षेत्र की जनता का सब्र अब टूटता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर बिजली कटौती और रोस्टिंग का यह सिलसिला कब तक चलता रहेगा?
अगर हालात इसी तरह चलते रहे तो जनता का आक्रोश और बढ़ सकता है। विद्युत विभाग को आम जनता की समस्या को गंभीरता से लेते हुए रोस्टिंग व्यवस्था की स्पष्ट जानकारी देने और बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
बड़ा सवाल ?
आखिर हैसर-कोचरी पावर हाउस पर वर्षों से चल रहे रोस्टिंग के इस खेल का अंत कब होगा?
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