मा मुख्यमंत्री महोदय कोई कितनों संभालकर सियासी गणित साधना चाहे किन्तु इस जनजागरुकता के दौर में अंतःकरण के क्रियाकलापों का खुलासा हो ही जाता है। कौन नहीं जानता है कि यूजीसी का विरोध आज वही कर रहा है जो अत्याचारी है और सदियों से भेदभाव करता चला आ रहा है अन्यथा सज्जनो के लिए कितनों शख्त कानून बने कोई फर्क नहीं पड़ता। गरीब कमजोर आम जनमानस कभी भी झूठी शिकायत नहीं करता इस नाते न्याय न कर सको तो किसी की पीड़ा को कुरेदना बिल्कुल ठीक नहीं। आपकी आनलाइन शिकायत प्रणाली हर स्तर से फेल है क्योंकि संबंधित जांच अधिकारी सरकार चला रहे अत्याचारी धनबली प्रभावशालियों के गिरफ्त में आकर फर्जी व भ्रामक रिपोर्ट के आधार पर मामलों का कागजी निस्तारण कर देते हैं शेष जबाब जनता देगी……
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