रक्षाबंधन पर खाकी ने निभाया भाई का फर्ज, मासूम बच्चों के चेहरों पर बिखेरी मुस्कान
नाथनगर में पैदल गश्त के दौरान जरूरतमंद बच्चों से मिले सीओ धनघटा और महुली थानाध्यक्ष, बच्चों को मिठाई देकर मनाया रक्षाबंधन का पर्व
संतकबीरनगर।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जहां बहनें अपने भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास की राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना कर रही थीं, वहीं महुली थाना पुलिस ने भी मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। नाथनगर कस्बे में पैदल गश्त के दौरान पुलिस अधिकारियों ने जरूरतमंद परिवारों के मासूम बच्चों के साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं और उन्हें मिठाई भेंट कर उनके चेहरों पर मुस्कान ला दी।
क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ तथा थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय पुलिस टीम के साथ नाथनगर कस्बे में पैदल गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर कुछ बच्चों पर पड़ी। बातचीत के दौरान क्षेत्राधिकारी ने बच्चों से रक्षाबंधन पर्व को लेकर सहजता से जानकारी ली और पूछा कि उन्होंने अपनी बहनों के लिए क्या खरीदा है। बच्चों ने मासूमियत से अपने परिवार और भाई-बहनों के बारे में बताया।
बच्चों की बातों और उनकी परिस्थितियों को देखकर पुलिस अधिकारियों ने उनकी भावनाओं को समझा। पास ही स्थित मिष्ठान की दुकान से बच्चों के लिए मिठाई खरीदी गई और उन्हें भेंट की गई। मिठाई पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। पुलिस की इस आत्मीय पहल ने रक्षाबंधन के पर्व को उनके लिए और भी यादगार बना दिया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जरूरत के समय आमजन के साथ खड़ा होना भी है। समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के प्रति संवेदनशीलता रखना पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रक्षाबंधन के अवसर पर पुलिस की इस पहल की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की। लोगों का कहना रहा कि वर्दी में संवेदना और मानवीयता का यह रूप समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करता है।
रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर महुली पुलिस ने संदेश दिया कि खाकी केवल कानून की रक्षक नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के सुख-दुख में सहभागी भी है। मासूम बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान इस बात की गवाह बनी कि छोटी-सी संवेदनशील पहल भी किसी के त्योहार को खुशियों से भर सकती है।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड