राप्ती किनारे गोरक्षघाट पर चबूतरा ढहा,मलबे में दबे 2 अधिवक्ता; 1 की मौत, जिला अस्पताल के बाहर अधिवक्ताओं का हंगामा
गोरखपुर के राप्ती नदी किनारे स्थित गोरक्षघाट पर रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया।घाट पर बने चबूतरे (गुंबद) का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर जाने से अंतिम संस्कार में गए दो अधिवक्ता मलबे के नीचे दब गए।घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।हादसा होते ही आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।वहां उपस्थित लोगों ने बिना देर किए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और मलबे को हटाकर दोनों अधिवक्ताओं को बाहर निकाला गया
हादसे में एक अधिवक्ता गम्भीर रूप से घायल हो गए।जिन्हें इलाज के जिला अस्पताल लाया गया।जहा उनकी दुखद मृत्यु हो गई,जबकि दूसरे अधिवक्ता को भी गम्भीर चोटें आई हैं।जिन्हें जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया।जहां उनका इलाज चल रहा है।घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची।फिलहाल हादसे के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि चबूतरे का ढांचा पहले से ही कमजोर और जर्जर स्थिति में था।हालांकि,इसकी आधिकारिक पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।दूसरी तरफ इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए,बड़ी संख्या में एकत्रित होकर अधिवक्ताओ ने जिला अस्पताल गेट पर जमकर हंगामा करने लगे।अधिवक्ताओं ने बताया कि घटना के बाद एंबुलेंस आने में काफी समय लग गया और समय से इलाज नही मिलने के कारण हमारे साथी अधिवक्ता की दुःखद मृत्यु हो गई।यह घोर लापरवाही है। इसलिए हम सीएमओ के अलावा दो भी दोषी है।उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्यवाही की मांग करते है।
बाइट-नीरज शाही वरिष्ठ अधिवक्ता सिविल कोर्ट गोरखपुर
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