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डूंगरपुर जिला पुलिस ने ‘ऑपरेशन म्युल हंटर’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए देशव्यापी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर ठगी गिरोह के मुख्य सरगना घनश्याम कलाल को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी दुबई में रहकर भारत के विभिन्न राज्यों में 160 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी के नेटवर्क को चला रहा था। पुलिस अधीक्षक डूंगरपुर मनीष कुमार के निर्देशन में गठित टीम इस शातिर अपराधी पर नजर रखे हुए थी। जैसे ही पुलिस को सूचना मिली कि 33 वर्षीय आरोपी घनश्याम कलाल (निवासी सीमलवाड़ा, थाना धंबोला) दुबई से बैंकॉक, नेपाल और भूटान के रास्ते भारत में प्रवेश कर चुका है, उसकी निगरानी बढ़ा दी गई और 20 जुलाई 2026 को उदयपुर के बलीचा के पास घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया।
यह गिरोह मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, गरीब परिवारों और कॉलेज के विद्यार्थियों को अपना निशाना बनाता था। आरोपी और उसके साथी इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बैंकों में करीब 450 से अधिक फर्जी (म्युल) खाते खुलवाते थे। खाता खुलने के बाद बैंक किट, डायरी, पासबुक, चेकबुक, एटीएम/डेबिट कार्ड, सिम और नेट बैंकिंग की आईडी-पासवर्ड आरोपी खुद रख लेते थे। इन खातों का उपयोग दुबई, जॉर्जिया और कुवैत में बैठे साइबर ठग टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए क्रिप्टो करेंसी, शेयर मार्केट, ऑनलाइन ट्रेडिंग और सट्टेबाजी के नाम पर ठगी के लिए करते थे। ठगी की रकम आने पर बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से पैसे निकालकर आपस में कमीशन बांट लिया जाता था।
इस रैकेट के शिकार धंबोला थाना क्षेत्र के लालशंकर रोत ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने फ्री पैन कार्ड और खाते का झांसा देकर उनका बैंक किट व सिम ले लिया, जिससे 81,69,707 रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया। इस घटना में विक्रम, महावीर सिंह, घनश्याम कलाल और बैंककर्मी कौशल प्रजापत शामिल थे। इसी तरह, सागवाड़ा थाना क्षेत्र के अशोक कुमार डांगी के खाते का गलत इस्तेमाल कर 11,88,760 रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया, जिसमें आरोपी इलेश पटेल उर्फ निलेश कलाल शामिल था। पुलिस इस पूरे मामले में बैंक कर्मी कौशल प्रजापत और इलेश पटेल सहित 5 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, और मुख्य सरगना घनश्याम कलाल की गिरफ्तारी से इस बड़े गिरोह पर करारी चोट पहुंची है।
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