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उत्तर प्रदेश के बस्ती में पुलिस ने ‘साइबर वज्र’ अभियान के तहत एक बड़े अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सरगना सहित चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इस शातिर गिरोह ने निवेश, शेयर ट्रेडिंग और आसान लोन के नाम पर देश भर के लोगों से करीब 54 करोड़ रुपये की महा-ठगी की है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के दिशा-निर्देशन में थाना साइबर क्राइम, एसओजी, स्वाट और सर्विलांस टीम ने मिलकर इस बड़ी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान चंद्रकेतु, प्रभात चौधरी, श्यामजी चौधरी (सभी बस्ती के निवासी) और संतकबीरनगर के मुख्य आरोपी अशफाक अहमद के रूप में हुई है। यह गिरोह फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पैसा दोगुना-तिगुना करने के आकर्षक विज्ञापन चलाकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। मुख्य आरोपी अशफाक ने खुलासा किया कि इस गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, राजस्थान के साथ-साथ नेपाल, कंबोडिया और दुबई तक फैला है। ये अपराधी भारत में फर्जी नामों से फर्म और बैंक खाते खुलवाकर उनकी नेट बैंकिंग किट विदेशों में बैठे साइबर अपराधियों को भेज देते थे, जो वहीं से ठगी का खेल संचालित करते थे।
पुलिस जांच में नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (NCRP) पर दर्ज 77 शिकायतों के जरिए इस 54 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का राज खुला है। इसमें चंद्रकेतु के ‘भारत स्टेशनर्स एंड इन्फॉर्मेशन सेंटर’ के खातों पर 36 शिकायतें और प्रभात चौधरी के ‘प्रभात इंटरप्राइजेज’ के खातों पर 41 शिकायतें दर्ज मिली हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक आईफोन-16, ओप्पो और रियलमी स्मार्टफोन, पांच चेकबुक, छह एटीएम कार्ड, जीएसटी दस्तावेज और 6,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। इस बड़ी सफलता के बाद बस्ती साइबर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी सावधानी बरतें और ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
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