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संत कबीर नगर जिले के बखिरा थाने में तैनात पुलिसकर्मियों पर एक ग्रामीण को बेरहमी से पीटने और उसके साथ अमानवीय हरकतें करने का संगीन आरोप लगा है, जिससे किसी भी सभ्य समाज की रूह कांप उठने की बात कही गई है। यह मामला जनपद में कानून के रखवालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
बेलहर थाना क्षेत्र के भटौली गांव निवासी पीड़ित अरविंद कुमार ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में दावा किया है कि बखिरा थाने के सिपाही संजीव यादव, नंदलाल यादव और एक अज्ञात सिपाही ने उसे बुरी तरह प्रताड़ित किया। पीड़ित का आरोप है कि इन पुलिसकर्मियों ने उसे पेशाब पिलाने जैसी घिनौनी और अमानवीय हरकत को अंजाम दिया। इस कृत्य को पुलिस की छवि धूमिल करने वाला और संविधान व मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन बताया गया है।
इस घटना के बाद से क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। सवाल उठ रहे हैं कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो आम जनता न्याय के लिए किसके पास जाए। बखिरा पुलिस की यह कथित करतूत न केवल विभाग पर एक बड़ा धब्बा है, बल्कि जिले के आला अधिकारियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इन आरोपी पुलिसकर्मियों पर निष्पक्ष जांच होगी, क्योंकि अक्सर ऐसे मामलों में विभागीय लीपापोती की आशंका बनी रहती है, जिससे जनता का पुलिस के प्रति भरोसा कम होता है। जनता प्रशासन से केवल जांच का आश्वासन नहीं, बल्कि दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा देखना चाहती है। पुलिस विभाग से मांग की जा रही है कि वह अपनी वर्दी की गरिमा बचाने के लिए ऐसे दागदार तत्वों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करे, जिसमें आरोपियों को निलंबित कर उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई शामिल हो, अन्यथा खाकी वर्दी के प्रति आमजन का विश्वास हमेशा के लिए खत्म हो सकता है।
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