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संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद स्थित कुंडीलाल रुंगटा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के 78वें स्थापना दिवस और राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर भव्य ‘विद्यार्थी महोत्सव’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से लगभग 400 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे वातावरण ‘ज्ञान, शील, एकता’, ‘छात्र शक्ति–राष्ट्र शक्ति’ और ‘विद्यार्थी आज का नागरिक है’ जैसे उद्घोषों से राष्ट्रभक्ति और उत्साह से ओत-प्रोत रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन तथा पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया, जिसके बाद परिषद गीत और वंदे मातरम् की प्रस्तुति ने उपस्थित विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति की भावना का संचार किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रमुख डॉ. अभिषेक कुमार सिंह ने की, जबकि प्रांत प्रवासी एवं प्रांत सविस्कार संयोजक आदित्य प्रताप सिंह मुख्य वक्ता, हीरालाल रामनिवास पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. बृजेश त्रिपाठी मुख्य अतिथि तथा अभाविप गोरक्ष प्रांत के सह मंत्री बृजभूषण उपाध्याय विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला संयोजक गौरी पाण्डेय ने किया।
मुख्य वक्ता आदित्य प्रताप सिंह ने अभाविप को केवल एक छात्र संगठन न बताते हुए इसे राष्ट्र पुनर्निर्माण का व्यापक आंदोलन बताया। उन्होंने ‘ज्ञान, शील और एकता’ के मूल मंत्र को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का आधार बताते हुए युवाओं से समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. बृजेश त्रिपाठी ने अभाविप के 78 वर्षों के सफर में लाखों विद्यार्थियों को नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देने की बात कही। विशिष्ट अतिथि बृजभूषण उपाध्याय ने विद्यार्थी को वर्तमान का जिम्मेदार नागरिक बताया और अभाविप द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र हित, सामाजिक समरसता तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने पर जोर दिया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 1949 में स्थापित यह संगठन आज विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन बन चुका है, जो शिक्षा, समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता और छात्र हितों से जुड़े विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए युवाओं में अनुशासन, सेवा और नेतृत्व के संस्कार विकसित कर रहा है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर संत मोहन त्रिपाठी, योगेंद्र सिंह, रविशंकर सिंह, राज प्रसून, मानस पाण्डेय, देव प्रसून, आदित्य मिश्रा, अभिराज राय, कृष्णा राय, अरुण त्रिपाठी, आलोक पाठक सहित अभाविप के अनेक पदाधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के आचार्यगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
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