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संतकबीरनगर जनपद में चलाए जा रहे “क्रैक साइबर क्राइम अभियान” के तहत महुली थाना पुलिस और साइबर हेल्प टीम ने एक पीड़ित को साइबर ठगी से हुए ₹5,000 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस दिलाई है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देश पर साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित राहत पहुंचाने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में, महुली पुलिस और साइबर टीम ने प्रभावी कार्रवाई कर यह रकम पीड़ित के खाते में वापस कराई।
यह मामला महुली थाना क्षेत्र के निवासी पवन कुमार, पुत्र बजरंगी से जुड़ा है, जिनका मोबाइल फोन 24 अक्टूबर 2025 को गुम हो गया था। अज्ञात व्यक्ति ने उनके गुम हुए मोबाइल का गलत इस्तेमाल करते हुए एक फर्जी यूपीआई आईडी बनाई और उनके बैंक खाते से धनराशि निकाल ली। पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई और पुलिस से सहायता की गुहार लगाई थी।
शिकायत मिलने के उपरांत थाना महुली पुलिस और साइबर टीम ने तत्काल संबंधित बैंक और तकनीकी माध्यमों से आवश्यक छानबीन और कार्रवाई शुरू की। अथक प्रयासों के बाद, मंगलवार को पीड़ित के खाते में ₹5,000 की राशि वापस जमा हो गई। अपनी धनराशि वापस मिलने पर पवन कुमार और उनके परिवार ने संतकबीरनगर पुलिस के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव, मनोज यादव और महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी ने प्रमुख भूमिका निभाई।
जनपद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक, फोन कॉल, संदेश या ऑनलाइन ऑफर पर बिना पूरी पड़ताल के भरोसा न करें। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपनी बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी जैसे ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड और यूपीआई पिन किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। पुलिस ने यह भी बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर समय रहते पुलिस की मदद प्राप्त करें।
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