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संत कबीर नगर के मगहर नगर पंचायत में पारदर्शिता को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मनोनीत सभासद गौरव कुमार निषाद ने अध्यक्ष नगर पंचायत को पत्र सौंपकर वर्ष 2024-25 और 2025-26 के विकास कार्यों एवं वित्तीय अभिलेखों के निरीक्षण की अनुमति मांगी है। यह मांग उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 332 के तहत की गई है।
सभासद निषाद ने बोर्ड बैठक की कार्यवाही, एम.बी., टेंडर, भुगतान, कैश बुक, लेजर और स्टॉक रजिस्टर सहित सभी प्रमुख अभिलेखों की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और सरकारी धन के सही उपयोग की जानकारी प्राप्त करना उनका वैधानिक अधिकार होने के साथ-साथ एक जनप्रतिनिधि के रूप में उनका दायित्व भी है।
पत्र में अध्यक्ष से 15 दिनों के भीतर निरीक्षण की तिथि निर्धारित करने का अनुरोध किया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि बिना उचित कारण के अनुमति नहीं दी जाती है, तो इस मामले को शासन और सक्षम अधिकारियों के समक्ष उठाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस मांग के बाद मगहर नगर पंचायत के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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