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बस्ती जनपद के छावनी थाना क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबारियों पर पुलिस का ‘अटैक’ लगातार जारी है। SHO राणा डीपी सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 लीटर अवैध कच्ची शराब और एक अपाची बाइक बरामद की है। इस दौरान पुलिस ने लंबे समय से वांछित चल रहे अभियुक्त रमेश पुत्र सीताऊ, निवासी छितौना को गिरफ्तार करने में सफलता पाई। इस ऑपरेशनल टीम में चौकी प्रभारी सभाजीत मिश्रा, SI राधेश्याम तिवारी, हेड कांस्टेबल फयानाथ भास्कर, रवि प्रताप सिंह, कांस्टेबल चन्द्रकेश प्रजापति के साथ ही अभिषेक सिंह और शिल्लु जायसवाल शामिल थे।
हालांकि, इस पुलिस कार्रवाई के बीच एक बड़ा सवाल यह खड़ा हुआ है कि क्या यह सक्रियता केवल अवैध शराब के खिलाफ है, या फिर सोशल मीडिया पर वायरल हुई कुछ तस्वीरों और गंभीर आरोपों को दबाने का एक ‘सुरक्षित कवच’ तैयार किया जा रहा है? एक ओर जहाँ छावनी पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है और अवैध शराब के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है, वहीं आबकारी विभाग की चुप्पी किसी बड़े रहस्य से कम नहीं है। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि जब पुलिस अपनी सीमा से बाहर जाकर अवैध शराब पर प्रहार कर सकती है, तो आबकारी विभाग आखिर क्यों ‘मौज काट रहा’ है; कहीं इस अवैध कारोबार को फलने-फूलने में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत तो नहीं है?
सूत्रों की मानें तो यह कार्रवाई केवल शराब माफियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई कुछ तस्वीरों ने छावनी थाना क्षेत्र के प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी थी। क्षेत्र में व्याप्त कुछ गंभीर आरोपों और सवालों से ध्यान भटकाने के लिए क्या इस ‘सघन अभियान’ को एक ढाल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है? रिपोर्ट में सवाल उठाया गया है कि थानेदार का यह कौशल क्या केवल वर्दी की शान बढ़ाने के लिए है, या उन गंभीर आरोपों को फाइलों के नीचे दबाने की एक सोची-समझी रणनीति। यह खबर जोर देती है कि बस्ती की जनता अब केवल शराब की बरामदगी से संतुष्ट होने वाली नहीं है, उसे सिस्टम में फैली उस गंदगी का भी जवाब चाहिए जो सोशल मीडिया की इन तस्वीरों में दबी हुई नजर आ रही है।
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