शुरू न्यूज़
संतकबीरनगर के जिलाधिकारी आलोक कुमार ने 10 जुलाई को बघौली विकासखंड स्थित गो-आश्रय स्थल शिवापार का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गौशाला में गोवंशों के संरक्षण और संचालन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण में पाया गया कि आश्रय स्थल में 68 गोवंश संरक्षित हैं, जिनके लिए 25 कुंतल भूसा और चोकर उपलब्ध था, हालांकि साइलेज की उपलब्धता नहीं मिली। मौके पर पशुओं के लिए हरे चारे की बुवाई की गई है और रात के समय देखरेख के लिए दो केयरटेकर तैनात रहते हैं।
निरीक्षण के दौरान गौशाला का टीन शेड टूटा हुआ पाया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी बघौली को उसे तत्काल बदलवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, गो-आश्रय स्थल में खड़ंजा लगवाने के लिए भी संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया। साथ ही, परिसर में आरआरसी सेंटर बनाए जाने के विषय पर जिला पंचायत राज अधिकारी को औचित्य परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
इस दौरे के अवसर पर खंड विकास अधिकारी बघौली अर्जित प्रकाश और ओएसडी राकेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और संबंधित खंड विकास अधिकारी को गो-आश्रय स्थलों का नियमित (रूटीन) निरीक्षण करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड