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संतकबीरनगर के ग्राम मुखलिसपुर, तहसील धनघटा में स्थित गाटा संख्या 580 एवं 581/1 से जुड़े भूमि विवाद को लेकर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। व्यापार मंडल का तर्क है कि यह प्रकरण संयुक्त संपत्ति और सहस्वामित्व से संबंधित है, इसलिए किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले सभी पक्षों के वैध अधिकारों का विधिसम्मत निर्धारण होना अनिवार्य है।
ज्ञापन के अनुसार, दशरथ गुप्ता और गंगेश्वर संबंधित ऋण प्रकरण में न तो उधारकर्ता हैं और न ही गारंटर, इसके बावजूद उन्हें अपनी वैध संपत्ति से बेदखली का डर है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि हिस्सेदारी का निर्धारण किए बिना कोई भी कार्रवाई न्यायोचित नहीं होगी। इसके साथ ही, व्यापार मंडल ने बैंक कर्मचारियों और तहसीलदार धनघटा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठन ने जोर देकर कहा कि उनका उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि प्रार्थियों के वैध अधिकारों की रक्षा करना है।
जिलाधिकारी से यह अनुरोध किया गया है कि बिना हिस्से के पृथक्करण और स्पष्ट निर्धारण के कोई भी बेदखली या कब्जा दिलाने की कार्रवाई न की जाए। साथ ही, यदि नीलामी या कब्जे की प्रक्रिया में कोई विधिक त्रुटि पाई जाती है, तो उसका परीक्षण कर न्यायोचित निर्णय लेने का आग्रह किया गया है। इस अवसर पर विनोद अग्रहरि और कपिस अग्रहरि सहित कई जनप्रतिनिधि और व्यापारी उपस्थित रहे।
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