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25 लाख से बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र की गुणवत्ता पर सवाल, प्रधान प्रतिनिधि ने रुकवाया निर्माण कार्य
25 लाख से बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र की गुणवत्ता पर सवाल, प्रधान प्रतिनिधि ने रुकवाया निर्माण कार्य
सहजनवा, गोरखपुर।
सहजनवा ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत सीहापार स्थित कंपोजिट विद्यालय टड़वा खुर्द परिसर में करीब 25 लाख रुपये की लागत से बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हैं। ग्राम प्रधान मांडवी शुक्ला के प्रतिनिधि राहुल शुक्ला ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए सोमवार को निर्माण कार्य रुकवा दिया। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के माध्यम से कराया जा रहा है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि का आरोप है कि निर्माण की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार संबंधित लोगों को चेतावनी दी गई, लेकिन सुधार नहीं किया गया। इसके बाद निर्माण कार्य को रोकने का निर्णय लिया गया।
मंगलवार को बाल विकास परियोजना कार्यालय की सुपरवाइजर पूजा मौके पर पहुंचीं। इस दौरान ग्राम प्रधान की ओर से उन्हें पांच बिंदुओं का एक शिकायती पत्र सौंपा गया। पत्र में आरोप लगाया गया कि भवन की नींव की गहराई मात्र एक फीट रखी गई है, जबकि नींव में ईंट के स्तर की मोटाई केवल नौ इंच है। इसके अलावा निर्माण में निम्न गुणवत्ता की ईंटों के उपयोग, बालू-सीमेंट के मिश्रण में निर्धारित मानकों का पालन न करने तथा कॉलम निर्माण में घटिया सामग्री और अनुपयुक्त अनुपात में मसाले के इस्तेमाल की शिकायत की गई है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राहुल शुक्ला ने कार्यदायी संस्था के जूनियर इंजीनियर और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भवन का निर्माण बेहद कमजोर गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक सुधार नहीं कराया गया तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने मौजूदा निर्माण को ध्वस्त कर मानकों के अनुरूप दोबारा निर्माण कराने की मांग की है।
इस संबंध में कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता अनंत मिश्र ने बताया कि उन्हें अभी तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की नजर विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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