नरकटियागंज के पकड़ी में सजा भव्य कंस मेला, अखाड़े में दिखा खिलाड़ियों का दमखम, कंस वध के साथ हुआ समापन
नरकटियागंज के पकड़ी में आज आस्था, परंपरा और मनोरंजन का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को मेले की रंगीनियों से सराबोर कर दिया। मौका था पारंपरिक कंस मेले का, जहां सुबह से ही लोगों की चहल-पहल शुरू हो गई और शाम होते-होते पूरा मेला परिसर लोगों की भीड़ से गुलजार हो उठा।
मेले की शुरुआत नाच कार्यक्रम के साथ हुई। कलाकारों की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और कलाकारों की प्रस्तुति पर जमकर उत्साह दिखाया।
नाच कार्यक्रम के बाद बारी आई —अखाड़े की।
अलग-अलग स्थानों से पहुंचे खिलाड़ियों ने अखाड़े में अपनी कला, शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के एक से बढ़कर एक प्रदर्शन ने दर्शकों में रोमांच भर दिया। अखाड़े के चारों ओर लोगों की भीड़ जुटी रही और हर शानदार प्रदर्शन पर तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा माहौल गूंजता रहा।
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अखाड़े का खेल समाप्त होने के बाद कंस की प्रतिमा को दूसरी जगह ले जाया गया, जहां कंस का वध किया गया। कंस वध के साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया और इसी के साथ मेले का मुख्य आयोजन अपने चरम पर पहुंच गया।
वहीं मेले में बच्चों और परिवारों के मनोरंजन का भी खास ख्याल रखा गया था। रंग-बिरंगे झूले, तरह-तरह के खिलौने, चाट, चाउमीन, आइसक्रीम और खाने-पीने की कई दुकानें लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थीं। बच्चों में झूले और खिलौनों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला, जबकि परिवार के लोगों ने भी मेले में जमकर खरीदारी और खान-पान का आनंद उठाया।
मेले में उमड़ी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट नजर आया। प्रशासन और पुलिस के जवान मौके पर मौजूद रहे और पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी गई। प्रशासन की मौजूदगी और पुख्ता सुरक्षा इंतजाम के बीच मेला शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
कंस मेला सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा आयोजन भी है। यहां अखाड़े में खिलाड़ियों का दमखम, मेले में बच्चों की मुस्कान और कंस वध की परंपरा—इन सभी ने मिलकर इस आयोजन को खास बना दिया।
यानी पकड़ी का कंस मेला इस बार भी लोगों के लिए यादगार रहा—जहां परंपरा जीवंत हुई, अखाड़े में रोमांच दिखा और कंस वध के साथ अच्छाई की जीत का संदेश गूंज उठा।
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