लोकेशन: रीवा।
नेशनल हॉस्पिटल में मौत के बाद 16 लाख का समझौता? इलाज कराने पहुंचे मरीज की लिफ्ट हादसे में मौत।
रीवा के निजी अस्पतालों की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नेशनल हॉस्पिटल में लिफ्ट हादसे में 50 वर्षीय सुरेश सेन की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। घटना के बाद हंगामा हुआ, कार्रवाई की मांग उठी और मुआवजे को लेकर बातचीत चली। आरोप है कि 50 लाख रुपये की मांग के बाद 16 लाख रुपये में समझौता हुआ। अब सवाल सिर्फ मुआवजे का नहीं, बल्कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और कथित लापरवाही की जवाबदेही का है। अमरपाटन के लालपुर निवासी सुरेश सेन इलाज के लिए रीवा के नेशनल हॉस्पिटल पहुंचे थे। आरोप है कि अस्पताल की लिफ्ट से मरीज को ऊपरी मंजिल पर ले जाया जा रहा था, तभी लिफ्ट अचानक नीचे जा गिरी। हादसे में सुरेश सेन की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा और अस्पताल परिसर में हंगामा हुआ। पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। इसके बाद मुआवजे को लेकर अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के बीच बातचीत हुई। परिजनों की ओर से 50 लाख रुपये की मांग किए जाने की बात सामने आई, जिसके बाद कथित तौर पर 16 लाख रुपये की राहत राशि पर सहमति बनी। हालांकि, सवाल यह है कि क्या आर्थिक समझौता किसी संभावित आपराधिक या प्रशासनिक जिम्मेदारी का विकल्प हो सकता है? हादसा लिफ्ट की तकनीकी खराबी से हुआ, रखरखाव में कमी थी या मरीज को बिना पर्याप्त निगरानी के लिफ्ट से भेजा गया, इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। वहीं, मृतक के परिजनों और अस्पताल के बीच हुए कथित समझौते के बावजूद घटना की जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है। प्रशासन को अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज, लिफ्ट के मेंटेनेंस रिकॉर्ड, सुरक्षा प्रमाण-पत्र और तकनीकी जांच रिपोर्ट खंगालकर तथ्य सामने लाने चाहिए। क्योंकि सवाल 16 लाख का नहीं है, सवाल उस व्यवस्था का है, जहां इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचा एक व्यक्ति सुरक्षित लौटने के बजाय मौत के मुंह में चला गया।
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