मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित जनसभा में 1273.96 करोड़ रुपये की लागत वाली 374 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इनमें 216 परियोजनाओं का शिलान्यास तथा 158 परियोजनाओं का लोकार्पण शामिल है, जो सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, विद्युत, पुलिस और राजस्व विभाग से जुड़ी हैं। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी सूखा, पलायन, बीहड़ और दस्यु गतिविधियों के लिए पहचाना जाने वाला बुंदेलखंड आज भय और पिछड़ेपन से निकलकर विकास की नई गाथा लिख रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि, कन्या सुमंगला और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, आवास की चाबियां, ऋण स्वीकृति और कृषि यंत्र बांटे। साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों के खातों में 13 करोड़ 14 लाख 30 हजार रुपये हस्तांतरित किए। उन्होंने कालपी के हस्तनिर्मित कागज को जीआई टैग मिलने और ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका, जर्मनी व जापान में निर्यात होने का जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने जालौन की रंगोली ग्राम पंचायत को शून्य गरीबी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया और नून नदी के पुनर्जीवन, अमृत सरोवरों व गो-संरक्षण का उल्लेख किया।
क्षेत्रीय विकास और सुरक्षा पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में देश का पहला सोलर एक्सप्रेस-वे, डिफेंस कॉरिडोर और करीब 56 हजार एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। कानून व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश में माफिया और संगठित अपराध के लिए अब केवल दो ही जगहें हैं—जेल या जहन्नुम। उन्होंने बताया कि अब तक माफिया की 600 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है और नकल माफिया के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री संजय सिंह गंगवार, स्थानीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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