कुठौंद पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप, हत्या की धारा में कार्रवाई की मांग
बोलेरो से कुचलकर युवक को घसीटने का मामला; इलाज के दौरान मौत के बाद भी नहीं दर्ज हुई हत्या की FIR
उरई (जालौन)। कुठौंद थाना क्षेत्र में रंजिश के चलते युवक पर बोलेरो गाड़ी चढ़ाकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पीड़िता ने स्थानीय पुलिस पर अभियुक्तों से साठगांठ का आरोप लगाते हुए पुलिस महानिदेशक (कानपुर नगर) को शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। ग्राम लोहई दिवारा निवासी वीनू तिवारी पत्नी स्व. विनय कुमार ने पुलिस महानिदेशक को भेजे पत्र में बताया कि बीते 21 अगस्त 2026 की शाम करीब 7 बजे उनके पति विनय कुमार पुष्पांजलि गेस्ट हाउस के पास से बस स्टैंड की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते राजवीर सिंह, रवि दीक्षित और विवेक सिंह ने जान से मारने की नीयत से उन पर बोलेरो गाड़ी चढ़ा दी। गाड़ी के अगले हिस्से में फंसे विनय कुमार अपनी जान की भीख मांगते रहे, लेकिन आरोपियों ने गाड़ी नहीं रोकी और पुष्पांजलि से बस स्टैंड तिराहे तक उन्हें घसीटते ले गए। गंभीर हालत में कानपुर अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पीड़िता का आरोप है कि कुठौंद थाना अध्यक्ष ने दबंग आरोपियों के प्रभाव में आकर शुरू में रिपोर्ट दर्ज नहीं की। बाद में एसपी व डीएम के हस्तक्षेप पर 22 अगस्त को मुकदमा दर्ज तो किया गया, लेकिन उसमें हत्या धारा 108) की बजाय हल्की धाराएं लगाई गईं। पीड़िता ने थाना पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मामले को हत्या की सुसंगत धाराओं में दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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