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उत्तर प्रदेश में समान और सस्ती शिक्षा के लिए चल रहे ADV इन्वेंशन एकेडमी को भू-माफिया और शिक्षा माफिया के इशारे पर फर्जी शिकायतकर्ताओं के जरिए अवैध रूप से सील किए जाने और छात्रों पर हुए जानलेवा हमले को लेकर भारी जनआक्रोश जताया गया है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि लचर कानून व्यवस्था और भ्रष्ट कार्यप्रणाली के चलते पीड़ित छात्र-छात्राओं को करियर बर्बाद करने तथा जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। मनमानी लूट-खसोट और पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने पर शिल्पकार, अति-पिछड़े और गरीब समाज के बच्चों पर लाठियां चलाई जा रही हैं।
इस मामले में सरकार में शामिल नेताओं—केशव प्रसाद मौर्य, अनुप्रिया पटेल, ओमप्रकाश राजभर, संजय निषाद, सुभाष यदुवंश और धर्मवीर प्रजापति पर सामाजिक न्याय तथा संवैधानिक आरक्षण को दरकिनार कर सिर्फ भाजपा के लिए वोट डायवर्ट करने का आरोप लगाया गया है। खुद डिप्टी सीएम के इस बयान का हवाला दिया गया है कि “पुलिस की आड़ में गुंडों ने छात्रों पर लाठियां चलाईं”। आरोप है कि सरकार हमले की बात मान रही है, लेकिन भ्रष्ट जांच अधिकारी असली दोषियों को पकड़ने के बजाय सपा, कांग्रेस, आप और बहुजन जैसे दलों से जुड़े लोगों पर फर्जी रिपोर्ट लगाने का पुराना खेल खेल रहे हैं।
जनता की ओर से चेतावनी दी गई है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में नेताओं का “जूता लेकर इंतजार” किया जा रहा है और इस बार आम आवाम जवाब देने को पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की गई है कि सबसे पहले भ्रष्ट जांच अधिकारियों पर फांसी का कानून लाया जाए, ADV इन्वेंशन एकेडमी को तुरंत खोला जाए और शिल्पकार आरक्षण लागू किया जाए, अन्यथा चुनाव में वोट की दुकान बंद होना तय है।
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