98 लाख लागत से बन रही सड़क निर्माण में धांधली, ग्रामीणों का प्रदर्शन
– धनघटा कस्बे की मुख्य सड़क निर्माण में ग्रामीणों व ठेकेदार की बीच नोक झोंक, काम ठप
धनघटा, सन्तकबीरनगर
नगर पंचायत क्षेत्र हैंसर धनघटा के वार्ड नम्बर 11 में 98 लाख रुपये की लागत से होने वाला सड़क निर्माण में धांधली को लेकर रविवार को वार्ड के नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किया। चार माह से अधर में लटके धनघटा की मुख्य सड़क का निर्माण कार्य जब ठेकेदार द्वारा शुरू कराया गया तो वार्ड के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में मानक का पालन न करने का आरोप लगाते हुए विरोध करना शुरू कर दिया। इस बीच ठेकेदार व नागरिकों के बीच तीखी कहा सुनी होने लगी। सड़क निर्माण ठप हो गया। सभासद अखिलेश पाठक ने मांग किया कि स्टीमेट के अनुसार सड़क का निर्माण मानक के अनरूप कराया जाय। प्रदर्शन में शामिल नागरिकों वीरेंद्र भारती, वीरेंद्र भारती, सूरज गोस्वामी, भीम पाठक, भीम सिंह, रामधनी यादव, राधेश्याम विश्वकर्मा, हरिराम गुप्ता, आजम खान, समसुल हक, लालजी चौहान, अब्दुल रहीम, वकील, पंकज पाठक, शिव शंकर मिश्रा ने बताया कि धनघटा कस्बे की मुख्य सड़क दस वर्ष पूर्व जिला पंचायत से बनाई गई थी। लेकिन मरम्मत के अभाव में सड़क जीर्ण शीर्ण अवस्था मे पहुंच गई। पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश पाठक के प्रयास से कस्बे की प्रमुख सड़क निर्माण के लिए शासन द्वारा 98 लाख रुपये स्वीकृत किया गया। चार माह पूर्व जब ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया गया तो सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए वार्ड के नागरिकों ने कार्य रोक दिया था। उसके बाद ठेकेदार गायब हो गया। नाराज नागरिकों ने कहा कि धनघटा की प्रमुख सड़क से प्रतिदिन सैकड़ो लोग गुजरते है। एक हजार से अधिक छात्र छात्राएं गुजरते है। ऐसे में सड़क निर्माण में धांधली किसी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जाएगा। सड़क निर्माण में शासन द्वारा स्वीकृत 98 लाख रुपये की धनराशि स्टीमेट व मानक के अनरूप खर्च होनी चाहिए। लोगो ने ठेकेदार पर जानमाल की धमकी देने का भी आरोप लगाया। निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता होने पर नागरिक अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
सड़क निर्माण में नागरिकों व ठेकेदार के बीच जारी गतिरोध इस शर्त पर समाप्त हुआ कि सड़क निर्माण में आगे का कार्य अब अवर अभियंता की निगरानी में शुरू होगा।
इस संबन्ध में ईओ धीरज सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण मानक के अनरूप कराया जाएगा। इसमें किसी प्रकार लापरवाही नही की जानी चाहिए।
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