केंद्र मान चुका, राज्य रोक रहा! योगी सरकार 2027 में वोट की चोट सहने को तैयार रहें!
भारत सरकार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसूचित जाति सूची संशोधन प्रकोष्ठ ने पत्र संख्या RL-17020/1/2026 दिनांक 06.07.2026 से साफ लिख दिया कि “कुम्हार/शिल्पकार” को अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी करने पर यथोचित कार्यवाही की जाए।
लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण विभाग ने 15.12.2025 से मेरी राज्य स्तरीय अपील दबा रखी है। RTI, रिमाइंडर सब फेल।
आज फिर जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज की है। शिकायत संख्या: 40018626016400
सच्चाई:
1931 की जनगणना में शिल्पकार श्रेणी के अंतर्गत कुम्हार समेत 26 उपजातियां एक साथ गीनी गई थीं। 1936 में ब्रिटिश हुकूमत ने Excluded Caste घोषित किया और उसी आधार पर 1950 में संवैधानिक SC सूची बनी।
फिर SC प्रमाण पत्र से रोक क्यों ? तथा आजादी से अब तक शिल्पकारो का हक हिस्सा कौन खाता चला आ रहा है जबकि ईडब्ल्यूएस तो रातोंरात लागू कर दिया गया फिर हमारे साथ यह भेदभाव क्यों ?
मा. उच्च न्यायालय भी संज्ञान ले चुका है। अब और टालमटोल नहीं चलेगा।
हम वंचित अतिपिछड़े शिल्पकार समाज के लोग अपना संवैधानिक हक मांग रहे हैं, भीख नहीं।
2027 की जनगणना से पहले न्याय दो, वरना जन आदेश से जवाब मिलेगा।
GenZ और GenAlpha अब जाग चुका है। लालीपाप नहीं चलेगा।
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