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आज सम्मान की लड़ाई, वंचितों की आवाज़ बुलंद

अनिल कुमार प्रजापति

आज लड़ाई सत्ता की नहीं, 40% आबादी के सम्मान की है!

वो 40% आबादी जिसने आजादी के बाद आज तक सम्मानजनक जीवन जीने का मौका ही नहीं पाया। आज इनके ही बीच के कुछ सत्तालोलुप और निज स्वार्थी लीडरों को आगे करके पक्ष-विपक्ष सिर्फ सत्ता का खेल खेल रहा है।

आरक्षण के नाम पर उभरे 17 अतिपिछड़ी जातियों के कुछ नेता आज अपने अपने फायदे के लिए सरकार की भाषा बोल रहे हैं। याद रखना, समय आने पर तुम्हारा समाज खुद तुमसे जवाब मांगेगा और मांग भी रहा है लेकिन सत्तामद में चूर हो इस नाते अभी दिखाई नहीं दे रहा है कि जमीन तो खिसक गई।

हमारा साफ कहना है –
देश की धनबली, प्रभावशाली और साधन-संपन्न जातियां अपने वर्चस्व रुपी सत्ता के लिए हम गरीब-कमजोरों का आंदोलन कमजोर करना बंद करें। क्योंकि वंचितों को इतना तो समझ में आने ही लगा है कि वर्तमान में आरक्षण को लेकर मचा हूं हल्ला अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान जैसे निष्पक्ष संगठनों के बहुप्रतीक्षित मांग को रोकना है ताकि तानाशाही हुकुमत बदस्तूर चलती रहे।

क्रीमीलेयर का मामला आप अपने स्तर पर निपटाइए, लेकिन असली मुद्दा यह बनाइए कि आजादी से आज तक जिन्हें आरक्षण और सामाजिक न्याय का लाभ मिला ही नहीं, उनका क्या ?,अन्यथा परिणाम सामने होगा।

जागरूक बनें • समानता लाएं • भेदभाव मिटाएं

#AtipichhadaEkikaran #AnilPrajapati #SamajikNyay #40PercentKiAwaaz



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