मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath जी महाराज ने आज लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1-एन1) एवं सीजनल इन्फ्लुएंजा की स्थिति की समीक्षा की।
महाराज जी ने कहा कि मरीजों की समय से पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाए। जहां भी मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है, वहां निगरानी बढ़ाने के साथ तत्काल आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं की जाएं। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि निजी चिकित्सा संस्थानों द्वारा जांच के लिए पूर्व में निर्धारित शुल्क ही लिया जाए।
महाराज ने कहा कि सामान्य लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार घर पर आराम और सेल्फ आइसोलेशन की सलाह दी जाए, जबकि गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
महाराज जी ने कहा कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
एएनएम, आशा एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के सहयोग से सघन जांच अभियान चलाकर संभावित मरीजों की पहचान की जाए तथा जरूरत के अनुसार होम क्वारंटीन, मास्क और संक्रमण से बचाव के अन्य उपायों की जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए।
महाराज जी ने कहा कि मरीजों की स्थिति के अनुसार रेफरल की व्यवस्था की जाए।
गंभीर लक्षण वाले मरीजों को ही अस्पताल भेजने के साथ ही ऐसे मरीजों के लिए समुचित उपचार और ICU की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जनजागरूकता अभियान के माध्यम से पैनिक की स्थिति बनने से रोका जाए एवं संक्रमण से बचाव के उपायों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath जी महाराज ने आज लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1-एन1) एवं सीजनल इन्फ्लुएंजा की स्थिति की समीक्षा की।
महाराज जी ने कहा कि मरीजों की समय से पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाए। जहां भी मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है, वहां निगरानी बढ़ाने के साथ तत्काल आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं की जाएं। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि निजी चिकित्सा संस्थानों द्वारा जांच के लिए पूर्व में निर्धारित शुल्क ही लिया जाए।
महाराज ने कहा कि सामान्य लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार घर पर आराम और सेल्फ आइसोलेशन की सलाह दी जाए, जबकि गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
महाराज जी ने कहा कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
एएनएम, आशा एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के सहयोग से सघन जांच अभियान चलाकर संभावित मरीजों की पहचान की जाए तथा जरूरत के अनुसार होम क्वारंटीन, मास्क और संक्रमण से बचाव के अन्य उपायों की जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए।
महाराज जी ने कहा कि मरीजों की स्थिति के अनुसार रेफरल की व्यवस्था की जाए।
गंभीर लक्षण वाले मरीजों को ही अस्पताल भेजने के साथ ही ऐसे मरीजों के लिए समुचित उपचार और ICU की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जनजागरूकता अभियान के माध्यम से पैनिक की स्थिति बनने से रोका जाए एवं संक्रमण से बचाव के उपायों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
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