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बरेली में आयोजित होने वाले 108वें उर्स-ए-आला हजरत की तारीखों को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। पहले इस बड़े धार्मिक आयोजन के लिए 8, 9 और 10 अगस्त की तारीखें प्रस्तावित मानी जा रही थीं। हालांकि, हाल ही में जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की मौजूदगी में संपन्न हुई पीस कमेटी की बैठक के बाद से तारीखों में संभावित बदलाव को लेकर अटकलें काफी तेज हो गई हैं।
इस बीच, जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान कादरी द्वारा जारी एक पत्र ने इस मामले को और हवा दे दी है। पत्र के अनुसार, उर्स-ए-आला हजरत की अंतिम तारीखें तय करने के लिए वरिष्ठ उलेमा-ए-किराम की एक उच्च स्तरीय टीम का गठन किया गया है। इस टीम में देश के कई प्रमुख इस्लामी विद्वान और मुफ्ती शामिल हैं, जो सभी धार्मिक, प्रशासनिक और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श करेंगे और अपनी सिफारिशें दरगाह आला हजरत के जिम्मेदारों को सौंपेंगे। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह एक बेहद महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, इसलिए तारीखों का निर्धारण पूरी गंभीरता और आपसी मशवरे के बाद ही किया जाएगा।
फिलहाल, उर्स की तारीखों में किसी भी प्रकार के बदलाव की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, जिसके चलते पूर्व घोषित 8, 9 और 10 अगस्त की तारीखें ही चर्चा के केंद्र में हैं। अब सभी की नजरें दरगाह आला हजरत और संबंधित जिम्मेदारों के अंतिम फैसले पर टिकी हैं कि उर्स पहले से तय तारीखों पर ही संपन्न होगा या इसमें कोई बदलाव किया जाएगा।
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