प्रयागराज के बाढ़ पीड़ितों का फूटा गुस्सा, एसडीएम और विधायक पर खानापूर्ति का आरोप
संगम नगरी प्रयागराज के यमुनानगर क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। शंकरगढ़ विकासखंड के सिंहपुर गांव में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय विधायक को ग्रामीणों के भारी विरोध और नाराजगी का सामना करना पड़ा है। आरोप है कि चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरे होने के बावजूद अधिकारी पीड़ितों के घरों तक स्थलीय निरीक्षण करने नहीं पहुंचे, बल्कि सिर्फ औपचारिकता निभाकर लौट गए।
प्रयागराज का सिंहपुर गांव इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में है। चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है और लोग अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। मदद की आस लगाए बैठे ग्रामीणों के बीच जब एसडीएम, तहसीलदार और स्थानीय विधायक पहुंचे, तो लोगों को उम्मीद थी कि अब उनकी सुध ली जाएगी। लेकिन मौके पर राहत के नाम पर जो हुआ, उसने ग्रामीणों के आक्रोश को और भड़का दिया।
बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि अधिकारी उनके पानी से डूबे घरों तक जाने के बजाय सूखी सड़क पर ही बैठ गए। यही नहीं, ‘बारा’ तहसीलदार ने बिना मौके पर पहुंचे सड़क पर बैठकर ही सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार कर ली। राहत सामग्री के नाम पर पीड़ितों को सिर्फ लाई और बिस्किट बांटे गए, जिसे ग्रामीणों ने अपना भद्दा मजाक बताया है।
बाढ़ से मची तबाही के बीच प्रशासनिक अमले के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये और महज कागजी खानापूर्ति से ग्रामीणों में बेहद आक्रोश है। सवाल यह उठता है कि क्या केवल सड़क पर बैठकर बनाई गई रिपोर्ट से बाढ़ पीड़ितों को उनका वास्तविक हक और राहत मिल पाएगी
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