रिपोर्टर पंजीकरण →
₹10
Logo Shuru News शुरू न्यूज़
logo

पावर वीडर: आधुनिक खेती का महत्वपूर्ण उपकरण

अशोक धवल

पावर वीडर/टिलर बना किसानों का साथी, कम समय में खेती के काम को दे रहा नई रफ्तार ।

संत कबीर नगर । डा देवेश कुमार, वैज्ञानिक (कृषि अभियंत्रण) ने बताया की आज कल कृषि में बढ़ती श्रमिक समस्या और कृषि कार्यों की बढ़ती लागत के बीच आधुनिक कृषि यंत्र किसानों के लिए महत्वपूर्ण विकल्प बनकर सामने आ रहे हैं। इन्हीं आधुनिक यंत्रों में पावर वीडर/टिलर छोटे एवं मध्यम जोत वाले किसानों के लिए उपयोगी मशीन साबित हो रहा है। इसके माध्यम से खेत की तैयारी, निराई-गुड़ाई तथा कतार वाली फसलों में खरपतवार नियंत्रण जैसे कार्य कम समय और कम श्रम में किए जा सकते हैं । इसकी कीमत लगभग ₹25,000–₹45,000 से ऊपर भी हो सकती है अगर आप 5 से 7 हॉर्सपावर से अधिक का खरीद करते है I
पावर वीडर एक बहुउपयोगी कृषि यंत्र है, जिसे विशेष रूप से सब्जियों, बागवानी फसलों तथा कतार में बोई जाने वाली फसलों के बीच संचालन के लिए उपयोग किया जा सकता है । मशीन में लगे घूमने वाले ब्लेड मिट्टी की ऊपरी सतह को भुरभुरा करने के साथ-साथ खरपतवारों को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। अलग-अलग मॉडल एवं अटैचमेंट के अनुसार इसका उपयोग खेत की तैयारी तथा अन्य कृषि कार्यों में भी किया जा सकता है । कृषि कार्यों में समय और श्रम की बचत भारतीय कृषि अनुसंधान परिसद, नई दिल्ली के अनुसार सेल्फ-प्रोपेल्ड पावर वीडर का उपयोग कतार वाली फसलों, सब्जियों एवं बागवानी फसलों में निराई तथा बीज तैयार करने के लिए किया जा सकता है। एक दिन में लगभग 0.10–0.13 हेक्टेयर प्रति घंटे की कार्यक्षमता रखता है तथा हाथ से खुरपी द्वारा निराई की तुलना में संचालन समय और लागत में उल्लेखनीय बचत होती गई है। पावर वीडर का सबसे बड़ा लाभ यह है कि किसान को निराई-गुड़ाई के लिए बड़ी संख्या में मजदूरों पर निर्भरता कम करनी पड़ती है। इससे कृषि कार्य समय पर पूरे किए जा सकते हैं। विशेष रूप से सब्जी, मक्का, दलहन एवं अन्य कतार वाली फसलों में प्रारंभिक अवस्था में खरपतवार नियंत्रण फसल की अच्छी वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण होता है।
किसानों के साथ युवाओं के लिए भी रोजगार का अवसर पावर वीडर केवल खेती की लागत कम करने वाला यंत्र ही नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार का माध्यम भी बन सकता है। किसान या ग्रामीण युवा पावर वीडर खरीदकर आसपास के किसानों को किराये पर कृषि यंत्र सेवा उपलब्ध करा सकते हैं। इस प्रकार कृषक कस्टम हायरिंग सेंटर अथवा कृषि यंत्र सेवा केंद्र के माध्यम से 200 रूपए प्रति बीघा के आधार पर सेवा देकर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है। कृषि यंत्रीकरण के साथ उद्यमिता एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने पर जोर देता है। छोटे किसानों के लिए उपयोगी विकल्प ट्रैक्टर की तुलना में पावर वीडर आकार में छोटा, आसानी से संचालित होने वाला और छोटी जोतों तथा संकरी कतारों में काम करने के लिए अधिक सुविधाजनक हो सकता है। सब्जियों एवं बागवानी फसलों में जहां बड़े कृषि यंत्रों का संचालन कठिन होता है, वहां पावर वीडर उपयोगी साबित हो सकता है।
*डा देवेश कुमार, वैज्ञानिक कृषि अभियंत्रण* के अनुसार आधुनिक कृषि की ओर बढ़ता कदम आज जब खेती में श्रम की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन रही है, ऐसे समय में पावर वीडर जैसे छोटे एवं बहुउपयोगी कृषि यंत्र किसानों के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी विकल्प हैं। इनका सामूहिक उपयोग, किराये पर उपलब्धता तथा कस्टम हायरिंग की सुविधा छोटे किसानों तक कृषि यंत्रीकरण पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। *पावर वीडर कम श्रम, कम समय, समय पर कृषि कार्य और बेहतर कार्यक्षमता के साथ आधुनिक खेती की ओर एक मजबूत कदम ।



location

Choose your state

अपना राज्य चुनें

1
2
3
Choose your State for regional news
क्षेत्रीय समाचारों के लिए अपना राज्य चुनें

ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

ANDHRA PRADESH

ARUNACHAL PRADESH

ASSAM

BIHAR

बिहार

CHANDIGARH

CHHATTISGARH

छत्तीसगढ़

DELHI

दिल्ली

GOA

GUJARAT

HARYANA

हरियाणा

HIMACHAL PRADESH

हिमाचल प्रदेश

JAMMU AND KASHMIR

जम्मू और कश्मीर

JHARKHAND

झारखंड

KARNATAKA

KERALA

LADAKH

LAKSHADWEEP

MADHYA PRADESH

मध्य प्रदेश

MAHARASHTRA

MANIPUR

MEGHALAYA

MIZORAM

NAGALAND

ODISHA

PUDUCHERRY

PUNJAB

RAJASTHAN

राजस्थान

SIKKIM

TAMIL NADU

TELANGANA

THE DADRA AND NAGAR HAVELI AND DAMAN AND DIU

TRIPURA

UTTAR PRADESH

उत्तर प्रदेश

UTTARAKHAND

उत्तराखंड

WEST BENGAL

आगे बढ़ने का मतलब ये है कि आप शूरा ऐप की नियम व शर्तों और प्राइवेसी नीतियों से सहमत हैं।
प्राइवेसी पॉलिसी