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बालाघाट जिले में मानसून की बेरुखी ने किसानों और आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस वर्ष मानसून देरी से पहुंचने के कारण धान की बुवाई पहले ही लेट हो गई थी, और अब पिछले एक सप्ताह से बारिश न होने से खेतों में रोपाई का काम पूरी तरह ठप हो गया है। बारिश न होने के कारण किसानों की चिंताएं लगातार गहरी होती जा रही हैं।
जिले के मौसम विज्ञान केंद्र बड़गांव के वैज्ञानिकों के अनुसार, 1 जुलाई से 7 जुलाई के बीच कम दबाव का क्षेत्र बनने से अच्छी बारिश हुई थी, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है, लेकिन अब अचानक मानसून थम गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जिले में 20 जुलाई तक बारिश की संभावना बेहद कम है, हालांकि 14 से 20 जुलाई के बीच हल्की बारिश होने की संभावनाएं भी जताई गई हैं।
इस सूखे के साथ-साथ आसमान से बरसती उमस भरी गर्मी ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। क्षेत्र में उमस बढ़ने के कारण मौसमी बीमारियां पैर पसार रही हैं, जिससे अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।
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