*परंपरा या खूनी खेल: पांढुर्णा में गोटमार मेला शुरू, ड्रोन से निगरानी, एसपी ने कही ये बात*
*पांढुर्णा।* मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में सदियों पुरानी परंपरा गोटमार मेले की शुरुआत हो गई है। जाम नदी के बीचों-बीच पलाश के पेड़ की पूजा-अर्चना के साथ मेले का शुभारंभ किया गया।
पूजा के बाद दो गांव के लोग एक-दूसरे पर पत्थर बरसाने लगे हैं। यह सिलसिला शाम तक चलता रहेगा और दोपहर तक घायलों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।
जाम नदी के आसपास पत्थरों के ढेर लगाए गए हैं। परंपरा के अनुसार नदी के बीच में एक झंडा लगाया जाता है। इस झंडे को तोड़ने के लिए जब लोग नदी के अंदर जाते हैं, तो दोनों ओर से पत्थर बरसाना शुरू हो जाता है। शाम को जिस गांव के लोग झंडा तोड़ने में कामयाब हो जाते हैं, वे मां चंडी माता की अर्जी लगाने पहुंचते हैं।
गोटमार मेला पांढुर्णा की बरसों पुरानी पहचान है, जहां हर साल सैकड़ों लोग घायल होते हैं। अब तक इस मेले में कई मौतें भी हो चुकी हैं। हर साल घायलों का आंकड़ा 1000 के पार चला जाता है।
इस बार सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने ड्रोन से निगरानी शुरू की है। एसपी ने कहा कि मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात है।
*परंपरा या खूनी खेल: पांढुर्णा में गोटमार मेला शुरू, ड्रोन से निगरानी, एसपी ने कही ये बात*
*पांढुर्णा।* मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में सदियों पुरानी परंपरा गोटमार मेले की शुरुआत हो गई है। जाम नदी के बीचों-बीच पलाश के पेड़ की पूजा-अर्चना के साथ मेले का शुभारंभ किया गया।
पूजा के बाद दो गांव के लोग एक-दूसरे पर पत्थर बरसाने लगे हैं। यह सिलसिला शाम तक चलता रहेगा और दोपहर तक घायलों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।
जाम नदी के आसपास पत्थरों के ढेर लगाए गए हैं। परंपरा के अनुसार नदी के बीच में एक झंडा लगाया जाता है। इस झंडे को तोड़ने के लिए जब लोग नदी के अंदर जाते हैं, तो दोनों ओर से पत्थर बरसाना शुरू हो जाता है। शाम को जिस गांव के लोग झंडा तोड़ने में कामयाब हो जाते हैं, वे मां चंडी माता की अर्जी लगाने पहुंचते हैं।
गोटमार मेला पांढुर्णा की बरसों पुरानी पहचान है, जहां हर साल सैकड़ों लोग घायल होते हैं। अब तक इस मेले में कई मौतें भी हो चुकी हैं। हर साल घायलों का आंकड़ा 1000 के पार चला जाता है।
इस बार सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने ड्रोन से निगरानी शुरू की है। एसपी ने कहा कि मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात है।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड