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बीजाढाना में मासूम बच्चे खेत में पढ़ने को मजबूर

Arjun Marrapeपत्रकार

तामिया विकासखंड की एक्सक्लूसिव स्टोरी

छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश

तामिया विकासखंड में विकास के दावों की खुली पोल… 2 महीने से बिना भवन के चल रही प्राथमिक शाला, खेत में बने कच्चे मकान में पढ़ने को मजबूर मासूम
छिंदवाड़ा/तामिया। बीजाढाना
तामिया… नाम सुनते ही मन में प्राकृतिक सौंदर्य, रहस्यमयी घाटियां और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की तस्वीर उभर आती है। पर्यटन और विकास के नाम पर यहां लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन इन दावों की जमीनी हकीकत क्या है, इसका खुलासा करती है हमारी यह खबर
तामिया विकासखंड जी जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चोपना की खूबसूरत वादियों के बीच बसे ग्राम बीजाढाना में संचालित शासकीय प्राथमिक बीजा ढाना आज भी अपने भवन का इंतजार कर रही है। 2 महीने से मासूम बच्चे बिना स्थायी स्कूल भवन के शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। समय बदला, सरकारें बदलीं, अधिकारी आए और चले गए, लेकिन इस स्कूल की तस्वीर नहीं बदली। ग्रामीणों का कहना है प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार क्षेत्र का दौरा करते हैं, लेकिन शिक्षा व्यवस्था की इस गंभीर समस्या पर किसी का ध्यान नहीं गया। पिछले सालों से जन शिक्षक द्वारा ओर ग्रामीणों द्वारा स्कूल भवन की मांग की जा रही हे लेकिन स्कूल भवन बनाने की दिशा में आज तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। बीजाढाना जैसे दूरस्थ क्षेत्र में बच्चों की संख्या भले कम हो, लेकिन शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का समान अधिकार है। केंद्र और राज्य सरकार आदिवासी अंचलों में शिक्षा के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना सहित विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये का बजट भी स्वीकृत किया जा रहा है, लेकिन चोपना ग्राम पंचायत के ग्राम बीजा ढाना गांव की जमीनी तस्वीर सरकारी दावों से बिल्कुल अलग नजर आती है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पर्यटन और विकास के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो आखिर इन मासूम बच्चों के लिए एक स्कूल भवन क्यों नहीं बन पाया जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता आखिर कब खत्म होगी जब पत्रकारों की टीम इस गांव पहुंची तब वहां की वास्तविक स्थिति को कैमरे में कैद किया। जब इस बारे में स्कूल में पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों से पूछा गया को यह स्कूल यहां क्यों लगाया जा रहा हे तो उन्होंने बताया कि पुराने स्कूल की हालत जर्जर हे वह कभी भी गिर सकता हे इसी को देखते हुए ग्राम वासियों से से बात करके इस कच्चे मकान में यह स्कूल लगाया जा रहा हे वही जब इस बारे में जनशिक्षक दिलीप भारती से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हमने कई उच्च अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दिए हे लेकिन उन्होंने अभी तक इस ओर ध्यान नहीं दिया हे ग्रामीणों ओर जनशिक्षक ने बताया कि कई बार ग्राम पंचायत चोपना के सचिव को ग्राम सभा में भी स्कूल भवन की मरम्मत करने को कहा लेकिन उन्होंने आज तक हमारी कोई बात नहीं सुनी जनशिक्षक दिलीप भारती ने बताया कि जनपद पंचायत के इंजीनियर राजिक खान सर से भी हमने कई बार भवन मरम्मत की मांग की हे लेकिन उन्होंने आजतक कोई काम नहीं किया हे तामिया विकासखंड के बीईओ ओर बीआरसी सर कभी विकासखंड के स्कूलों का दौरा नहीं करते हे तभी तो स्कूलों की हालत ऐसी हो गई हे आखिर कब जागेगी सरकार ओर कब बनेगा इस गांव में स्कूल देखिए हमारी यह एक्सक्लूसिव ग्राउंड जीरो रिपोर्ट, जो विकास के दावों और हकीकत के बीच का बड़ा अंतर उजागर करती है।
बाइट,शिक्षक



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